जल संसाधन और पीएचई विभाग की समीक्षा बैठक मे बोले कलेक्टर, पेयजल की स्थिति पर सतत निगाह रखें

कलयुग की कलम ग्रामीण रिपोर्टर कटनी ;-

कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्रीष्मकाल में पेयजल की सुचारु उपलब्धता बनाये रखने अभी से आवश्यक तैयारियां प्रारंभ करें। उन्होने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्तर घटने से पानी की कमी वाले हैण्डपम्पों में राईजर पाईप डालने और सिंगल एचपी सबमर्सिबल मोटर स्थापित करने की कार्यवाही करें। गुरुवार को जल संसाधन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुये कलेक्टर ने यह निर्देश दिये। इस मौके पर कार्यपालन यंत्री जल संसाधन आर0के0 खुराना, पीएचई श्री बघेल भी उपस्थित थे। ग्रामीण क्षेत्र की नलजल योजनाओं और हैण्डपम्पों की स्थिति की समीक्षा में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि सुधार योग्य हैण्डपम्पों और नलजल योजनाओं का आवश्यक सुधार कर उन्हें चालू हालत में रखें। पेयजल की स्थिति पर हर बैठक में समीक्षा की जायेगी। मुख्यमंत्री ग्रामीण नलजल योजना के कार्यों की समीक्षा में कार्यपालन यंत्री ने बताया कि कुल स्वीकृत 12 नलजल योजनाओं में से 10 नलजल योजनायें मार्च अंत तक पूर्ण होकर चालू हो जायेंगी। दो नलजल योजना का कार्य अप्रारंभ है। इनमें ग्राम पिपरौध, टीकर, बम्हौरी, सिमरिया, पडखुरी, सिंदुरसी, सिमराड़ी, निगहरा और अमेहटा की नलजल योजना मार्च तक चालू हो जायेगी। हरदी और गाड़ा ईटवा की नलजल योजना का कार्य नहीं हो सकेगा। कलेक्टर श्री सिंह ने 10 नलजल योजनाओं में से पूर्ण हो चुकी 5 नलजल योजनाओं को 15 मार्च तक और शेष 5 योजनाओं को मार्च अंत तक अनिवार्य रुप से चालू कर देने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि हैण्ड पम्पों के लिये आवश्यक राईजर पाईप मंगायें और ग्रीष्मकाल मे हैण्डपम्पों और नलजल योजनाओं का सुचारु रुप से संचालन सुनिश्चित करायें। कार्यपालन यंत्री राकेश खुराना ने बताया कि सिंहुड़ी जलाशय का टेण्डर हो गया है। वहीं बड़वारा में सुनहरा जलाशय की प्राथमिक स्वीकृति मिल चुकी है, जिसका डीपीआर तैयार कराया जा रहा है। जल संसाधन के बड़े जलाशयों में सिंचल जल की उपलब्धता है। जिसे मांग के अनुसार लगभग एक हजार हैक्टेयर क्षेत्र में रबी फसल के लिये सिंचल जल दिया जा सकेगा। जल संसाधन की संचालित नहरों में 1 फरवरी से सिंचन जल दिया जा रहा है। उन्होने अमेहटा और पिपरौंध की विभागीय नहर में किये जा रहे अतिक्रमण के संबंध में भी जानकारी दी। कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार को जल संसाधन विभाग की नहरों का सीमांकन कराकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिये।

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