ओबीसी महासभा का मध्यप्रदेश बंद आरक्षण के लिए

कलयुग की कलम/योगेश योगी/ सतना

ओबीसी महासभा द्वारा आरक्षण के पक्ष में आज मध्यप्रदेश बंद का आयोजन किया गया था जिसका मिलाजुला असर रहा। यह बंद मध्यप्रदेश शासन द्वारा 27 प्रतिशत लागू किए जाने और फिर मप्र शासन के उदासीन रैवये के चलते वापस 14 किए जाने कब कारण हुआ। ज्ञातव्य हो कि कमलनाथ  सरकार  ने बड़े लंबे इंतजार के बाद मप्र के ओबीसी वर्ग को 27% दिया है। लेकिन मप्र शासन की ओर से मामलों की पैरवी कर रहे शशांक शेखर की उदासीनता के चलते सुनवाई में लगातार जवाब न दिए जाने और अनुपस्थित रहने के कारण है कोर्ट ने दायर याचिकाओं की सुनवाई करते हुए वापस से 14% कर दिया। जिस कारण से ओबीसी वर्ग में मध्यप्रदेश शासन की ओर से अधिकृत महाधिवक्ता के प्रति आक्रोश है साथ ही ओबीसी संगठनों द्वारा लगातार सरकार को चेतवानी भी दी गई थी कि अगर वापस से 27% आरक्षण नहीं किया गया तो बड़ा आंदोलन होगा और आज उसी कारण से मध्यप्रदेश में बंद का आयोजन एक साथ 51 जिलों में किया गया जिसके तहत रैली निकाल कर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर, एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। ओबीसी महासभा को देश भर के लगभग 50 बड़े संगठनों का सहयोग प्राप्त था। ओबीसी महासभा सतना इकाई की तरफ़ से प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा योगेश योगी किसान, जिलाध्यक्ष ओबीसी महासभा क़ृष्णा लोधी, शैलेन्द्र बागरी शैलू प्रदेश कार्यकारिणी समिति सदस्य राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी,भीम आर्मी जिलाध्यक्ष जीतेन्द्र भारती, सांसद प्रतिनिधि अरविंद सिंह, जिला युवाध्यक्ष ओबीसी महासभा आसलेंद्र सिंह, ब्रांड हड़हा करण राज, विकाश प्रजापति गंगवरिया, युवा समाजसेवी प्रदीप लकी लोधी एवं कृष्ण कुमार लोधी, अनुज कुमार अन्नू सेठ, रामसिंह लोधी, एवम अधिवक्ताओं में के एल सोनी, अखिलेश लोधी, वरिष्ठ अधिवक्ता अवधिया जी एवम रैया सांटा से प्रतिनिधि लोकेंद्र लोधी आदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।




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