“दलित विरोधी भाजपा का चेहरा बेनक़ाब “

“दलित पदाधिकारी को डरा धमकाकर विडियो बनाया महिला मोर्चे की पदाधिकारी ने”

“भाजपा में दलित विरोधी चेहरे उजागर सांसद बी डी शर्मा,प्रभात झा,उज्जैन भाजपा अध्यक्ष विवेक जोशी,उज्जैन भाजपा संगठन मंत्री जितेंद्र लटुरिया ये हैं भाजपा के दलित विरोधी चेहरे”

“एबीवीपी और भाजपा महिला मोर्चे का दलित विरोधी चेहरा सुश्री श्रेष्ठा जोशी”

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने भाजपा के दलित विरोधी चेहरों का खुलासा किया हैं।भाजपा की महिला मोर्चे की पदाधिकारी श्रेष्ठा जोशी ने दलित पदाधिकारी लखन को गालियाँ और अपशब्द फ़ोन पर बोलने का आडियो वायरल होने के बाद भाजपा का दलित विरोधी क्रुर चेहरा सामने आ गया हैं।महिला मोर्चे की उच्च जाति की महिला को बचाने के लिए ये पॉंच दलित विरोधी चेहरे सामने आये हैं इनके नाम हैं सर्व श्री प्रभात झा,सांसद बी डी शर्मा,उज्जैन संगठन मंत्री जितेंद्र लटुरिया,उज्जैन भाजपा अध्यक्ष विवेक जोशी इन सब ने मिलकर दलित भाजपा मंडल पदाधिकारी लखन पर दबाव बनाया की वह ये बोले की उसकी बात नहीं हुई हैं।इसके लिए महिला पदाधिकारी कुछ एबीवीपी के गुंडों के साथ इस पदाधिकारी के घर पहुँच कर उसे डरा धमकाकर एक विडियो बना कर उसका फ़ोन छिनकर कल रात (31 जनवरी की रात) समय 12.03 मिनिट पर फ़ेसबुक पर अपलोड किया गया।इसके बाद इस पदाधिकारी को छोड़ा गया गुंडों द्वारा।गुंडों के चुंगल से छिटके ही लखन ने तुरंत ये पोस्ट फ़ेसबुक से हटा दी।इस पोस्ट के पेहले श्रेष्ठा जोशी ने 11.35 pm पर अपनी फ़ेसबुक से पोस्ट किया की ऐसा कुछ नहीं हुआ हैं ये विरोधी पार्टी की साज़िश हैं।ये पोस्ट अभी भी हैं।इससे ये साबित होता हैं की दलित पदाधिकारी को डरा धमका कर ये किया गया हैं।वरना लखन की पोस्ट लखन डिलीट नहीं करता अगर ये बयान सच होता।

आख़िर भाजपा कब तक दलितों का शोषण करेगी।एक स्वर्ण जाति की पदाधिकारी को बचाने के लिए सभी स्वर्ण जाति के नेता एक हो गये हैं लेकिन दलित के साथ कोई नहीं हैं।दलित को अपमानित किया जा रहा हैं लेकिन भाजपा के दलित नेता ग़ुलामी की ज़ंजीरों से जकड़े हुए हैं।

भाजपा के पॉंचो उच्चकुल के नेता जिस महिला पदाधिकारी को बचाने के लिए दलितों को अपमानित कर रहे हैं उस महिला मोर्चे की पदाधिकारी का इतिहास यह हैं की2010 में इस महिला ने न्यू जीडीसी कॉलेज में दो बार फेल होने के बाद तीसरी बार प्रवेश के लिए हंगामा किया था उस दौरान तत्कालीन प्राचार्य मंजू लता चौबे से भी बदतमीजी की गई इसके बाद प्राचार्य मौके पर ही बेहोश हो गई थी इस प्रकरण में तत्कालीन सीएसपी शैलेन्द्र चौहान और मल्हारगंज डी आई जी आर गोलियां ने धारा 353 शासकीय कार्य में बाधा डालने का प्रकरण श्रेष्ठा जोशी पर दर्ज किया था जो आज भी विचाराधीन है इस घटना के बाद श्रेष्ठा जोशी ने इन दोनों पुलिस अधिकारियों की शिकायत पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी की थी लेकिन प्रकरण अभी भी विचाराधीन है।

बीते साल दंत रोग विशेषज्ञ सुरेंद्र दिल्ली वालों के बड़े भाई दिलीप दिल्ली वालों के साथ श्रेष्ठा ने मारपीट की थी इस दौरान जब कार्रवाई होने लगी तो श्रेष्ठा ने सदर बाजार थाने में खासा हंगामा किया था इस मामले भी इसके खिलाफ प्रकरण न्यायालय तक गया था।इसके साथ ही 

जिला अस्पताल में डाइटिशियन की नौकरी पाने के लिए उक्त महिला ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए थे जब दस्तावेजों की छानबीन हुई तो पता चला श्रेष्ठा जोशी ने अपने आवेदन में मार्कशीट के स्थान पर उस समय के स्थानीय विधायक सुदर्शन गुप्ता का लेटर पैड लगाया था ।जिसे जिला अस्पताल के चयन समिति ने खारिज कर दिया उस दौरान भी  डाइटिशियन की नौकरी पाने के लिए जिला अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ दबाव बनाया था ।लेकिन उक्त महिला राजनीतिक दबाव के बाद भी नौकरी नहीं पा सकी थी।

दलित विरोधी भाजपा नेताओं से तीन सवाल:-

(1) क्या भाजपा के अध्यक्ष जे पी नड्डा की पत्नी  श्रीमती मल्लिका जी नड्डा 

बदतमीज़ी तू तड़ाकें से बात करके पार्टी के सर्वश्रेष्ठ पदाधिकारियों से बात करती हैं ये महिला मोर्चे की श्रेष्ठी जोशी का कहना हैं।क्या भाजपा अध्यक्ष की पत्नी पार्टी चलाती हैं...???

(2)दलितों का अपमान करने के बाद भी दलितों पदाधिकारी पर दबाव बनाकर झूठा बयान क्यों दिलवाया।दलित पदाधिकारी के बयान के पेहले श्रेष्ठा जोशी ने पोस्ट करके झूठा स्पष्टीकरण क्यो दिया तथा भाजपा का शीर्ष नेतृत्व मौन क्यों हैं.....???

(3) क्या दलित विरोधी पॉंचो नेताओं एंव महिला मोर्चे की पदाधिकारी से डरते हैं राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा ...???

(3)क्या एबीवीपी एंव आरएसएस के संस्कार यही हैं की सुश्री होने के बाद भी महिला पदाधिकारी का बेटा हैं।अब सवाल भाजपा से हैं की इस बालक की NRC एंव CAA तथा NPA में नाम कैसे लिखेंगे ...? इसका तो वैधानिक रिकॉर्ड ही नहीं हैं अब क्या होगा भाजपा बताये बच्चे के भविष्य का प्रश्न हैं...???

(4) क्या भाजपा महिला मोर्चे में महिलाएँ वी डी शर्मा के साथ खेली खायी और बड़ी हुई हैं ये कौन से संस्कार हैं भाजपा के स्पष्ट करे ...???

ये सुश्री श्रेष्ठा जोशी के वचन हैं।

(5) अभी भी भाजपा के नेता अगर ये झुठ बोलते हैं की ये घटनाक्रम लखन और श्रेष्ठा जोशी के मध्य का नहीं हैं तो इस मामले में पुलिस शिकायत करें जॉंच में सब सामने आ जायेगा ।मामला दबेगा भी नहीं क्योंकि अब कमलनाथ सरकार हैं।दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।भाजपा में हैं हिम्मत...???

अगर इन सवालों के जवाब नहीं हैं तो म.प्र.के दलितों से नाक रगड़ कर भाजपा के पॉंचो नेताओं को माफ़ी मॉंगना चाहिए।अन्यथा दलितों को भाजपा का बहिष्कार करना चाहिए।

भाजपा की दलित विरोधी गतिविधियों के अनेक उदाहरण हैं लेकिन ये साक्षात दलितों एंव बाबा साहब आम्बेडकर का घोर अपमान हैं।भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को भी इस घृणित कार्य के लिए माफ़ी मॉंगना चाहिए।ये एक अपराधिक कृत्यों की परिधि में आता हैं।

इस बात की पूर्ण संभावना हैं की दलित युवक की हत्या हो गई हैं या हत्या की जा सकती हैं।पुलिस को तत्काल कार्यवाही करना चाहिए।दलित युवक के प्रणों की रक्षा करना चाहिए।

राकेश सिंह यादव
प्रदेशसचिव
म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी
भोपाल







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