आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक में बोले कलेक्टर, तीन दिन में पूरा करें सभी गांवों में किसान बंधु का चयन

कलयुग की कलम रिपोर्टर सोनू त्रिपाठी कटनी 

राज्य शासन के निर्देशानुसार हर दो गांव में एक कृषक बंधु का चयन किया जाना है। जिले के 408 ग्राम पंचायतों के 885 गांवों में अब तक पात्रता अनुसार 384 कृषक बंधुओं का चयन कर लिया गया है। जिले में कुल 443 कृषक बंधु का चयन किया जायेगा। कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने बुधवार को आत्मा गवर्निंग बॉडी की बैठक में शेष गांवों के कृषक बंधु की चयन कार्यवाही तीन दिवस में पूरी कर लेने के निर्देश दिये हैं। इस मौके पर परियोजना संचालक आत्मा श्री कोष्ठा, उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ0 आर0पी0एस0 गहरवार, महाप्रबंधक उद्योग अजय श्रीवास्तव, सहायक संचालक मत्स्य अंजू चौधरी, सहायक संचालक उद्यान अरुण पाण्डेय, सहायक परियोजना संचालक रजनी चौहान तथा एलडीएम अमियनाथ महाली उपस्थित थे।

कलेक्टर श्री सिंह ने परियोजना संचालक आत्मा को निर्देशित किया कि कृषक बंधु की पात्रता और नियम निर्देशों के अनुसार शेष गांवों में कृषक बंधु के चयन की कार्यवाही शीघ्र पूरी करें। जिन गांवों में एक से अधिक आवेदन नहीं मिले हैं, अथवा जिन गांवों में 8वीं पास व्यक्तियों का चयन किया गया है, वहां एक बार पुनः पात्रतानुसार युवकों का परीक्षण करा लें। उन्होने कहा कि सभी चयनित कृषक बंधुओं के प्रशिक्षण का कार्य विधिवत् सम्पन्न करायें ताकि क्षेत्र में जाकर कृषक बंधु किसानों को फसल के संबंध में सलाह और उन्नत तकनीकों की जानकारी दे सकें। कलेक्टर ने कहा कि एसडीएम की अध्यक्षता में कृषक बंधुओं की हर माह ब्लॉकवार बैठक कर कृषक बंधुओं के कार्यों की समीक्षा भी करें। परियोजना संचालक आत्मा ने बताया कि शासन के नियम और निर्धारित शर्तों के अनुसार जिले में कुल 384 कृषक बंधुओं का चयन कर लिया गया है। जिले में 408 ग्राम पंचायतों के 885 गांवों के मान से कुल 443 कृषक बंधुओं का चयन करना है। सभी विकासखण्डवार एक के मान से 6 विकासखण्ड समन्वयक का भी चयन किया गया है। जिसमें बीएससी एजी उत्तीर्ण उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी गई है। विकासखण्डवार कृषक बंधुओं में से विजयराघवगढ़ विकासखण्ड में 53, बड़वारा में 68, ढीमरखेड़ा में 73, रीठी में 50, बहोरीबंद में 83 और कटनी ब्लॉक में 57 कृषक बंधुओं का चयन कर लिया है। इनके लिये 1395 आवेदन प्राप्त हुये थे। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि रीठी क्षेत्र में इस सीजन में सरसों फसल अधिकाधिक बोई गई है। फसल की अनुकूलता के अनुसार इस बेल्ट में मधुमक्खी पालन की गतिविधियां भी नवाचार के रुप में ली जा सकती है।

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