परमार्थ निकेतन में पुलवामा में शहीद हुये सीआरपीएफ के जवानों की याद में रोपित किये पौधे

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और ऋषिकुमारों ने दीप जलाकर पुलवामा हमले में शहीद हुये जवानों को अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि

आज पूरे विश्व को शान्ति की जरूरत है ताकि राष्ट्रों की सीमाओं पर फिर किसी भी माँ को अपना बेटा न खोना पडे़

आओ अपनी धरती को प्रेम करें

प्रेम, क्षणिक नहीं शाश्वत हो-स्वामी चिदानन्द सरस्वती

ऋषिकेश, 14 फरवरी।परमार्थ निकेतन में पुलवामा में शहीद हुये जांबाज जवानों को गंगा के तट पर दीप जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही परमार्थ गुरूकुल के ऋषिकुमारों और श्रद्धालुओं ने विश्व शान्ति यज्ञ में आहुति समर्पित कर जांबाजों की शहादत को नमन किया।

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के पावन सान्निध्य में पुलवामा हमले में शहीद हुये 40 जांबाज जवानों की शहादत को याद करते हुये ऋषिकुमारों ने पौधों का रोपण कर भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि आज पूरे विश्व को शान्ति की जरूरत है; सब शान्ति चाहते है ताकि राष्ट्रों की सीमाओं पर फिर किसी भी माँ को अपना बेटा न खोना पड़े। विगत वर्ष पुलवामा में हुआ अटैक केवल पुलवामा पर नहीं था बल्कि प्रत्येक भारतवासी के दिल पर था। हमें गर्व है अपने जवानों पर और उनके परिवार वालों पर जिन्होने देश पर शहीद होने वाले शेरों को जन्म दिया।

स्वामी जी ने कहा कि हर भारतवासी और आगे आने पीढ़ियां हमेशा शहीदों की शहादत को गर्व के साथ याद करते हुये नमन करेगी। उन्होने कहा कि देश की रक्षा के लिये अपने प्राणांे का बलिदान करने हेतु अद्म्य साहस और असाधारण प्रतिभा की जरूरत होती है। हमारे जांबाज अद्म्य साहस के धनी थे जिन्होने देश सेवा में अपने प्राणों का बलिदान कर दिया। स्वामी जी ने कहा कि भारत सदियों से जिंदा है और शताब्दियों तक जिंदा रहेगा क्योकि भारतीय सेना, सरकार और भारतवासियों का संकल्प मजबूत है वे शान्ति के रास्ते पर चलना जानते है और दुश्मनों को सबक सिखाना भी जानते है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती  जी महाराज ने कहा कि 14 फरवरी को पूरी दुनिया वेलेंटाइन डे मनाती है और अपने-अपने तरीके से लोग प्रेम का इजहार करते हंै परन्तु आज से 1 वर्ष पूर्व सीआरपीएफ के जांबाजों में भारत माता के प्रेम में अपना जीवन समर्पित कर दिया। युवाओं को संदेश देते हुये कहा कि प्रेम बांटना अच्छी बात है परन्तु प्रेम, क्षणिक नहीं शाश्वत होना चाहिये उससे केवल स्वयं को ही खुशी न मिले बल्कि उस खुशी में अपने परिवार, प्रकृति और पर्यावरण को भी शामिल करें। उन्होने कहा कि आज के दिन युवा पार्क में जाते हैं परन्तु वहां पर जाकर प्रदूषण न फैलाये बल्कि स्वच्छता का ध्यान रखे। आप सड़को पर जाये; पार्को में जाये परन्तु वहां जाकर संकल्प ले स्वच्छता का; पार्कों में जाकर संकल्प ले पेड़ लगाने का, पेड़ लगाकर अपना वेलेंटाइन डे मनाये; सड़कों को साफ कर मनाये और इसकी शुरूआत अपने गावांे से, गलियों से और अपने मोहल्लों से करे। अपने देश को प्रेम करें, अपनी धरती को पे्रम करें। परिवार के सभी सदस्यों को अपना बनाये, सबको प्रेम बांटे परन्तु वह पे्रम जिस्मानी नहीं बल्कि रूहानी हो, आध्यात्मिकता से भरा हो, सत्य, प्रेम और करूणा से भरा हो।

परमार्थ गंगा तट पर होने वाली दिव्य गंगा आरती पुलवामा शहीदों को समर्पित की गयी।





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