“मुख्यमंत्री कमलनाथ जी को कॉंग्रेस प्रदेशसचिव  ने लिखा पत्र”

भाजपा 15 सालों के शिवराज सरकार में घटित मॉब लिचिंग की घटनाओं की जॉंच एसआईटी के माध्यम से करायी जाये,अनेक भाजपा नेताओं के शामिल होने की आशंका “

“गौ रक्षा के नाम पर मॉंब लिचिंग का माफिया गिरोह संचालित कर रहे हैं भाजप नेता”

“आरएसएस की शाखाओं में देते हैं मॉब लिचिंग की ट्रेनिंग “

“उज्जैन के लापता दलित भाजपा मंडल पदाधिकारी को न्याय दिलाया जाये,दलितों के सम्मान की रक्षा हो”

15 साल के भाजपा शासन में “मॉंब लिचिंग एंव गो रक्षक मॉब लिचिंग में शामिल भाजपा नेताओं का पर्दाफ़ाश हो”

“मॉब लिचिंग में भाजपा का सरपंच एंव दलित का अपमान करने में भाजपा महिला मोर्चे की पदाधिकारी का शामिल होना से भाजपा का चाल-चरित्र-चेहरा सामने आया”

“भाजपा के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान एंव भाजपा अध्यक्ष तथा प्रतिपक्ष नेता गोपाल भार्गव जवाब दे”

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया हैं की भाजपा की शिवराज सरकार में मॉब लिचिंग के समस्त प्रकरणों की जॉंच पुन: करायी जाये जिससे की भाजपा के अपराधिक चरित्र का पर्दाफ़ाश हो सके।इस बात की प्रबल संभावना हैं की मॉब लिचिंग एंव गो रक्षकों के प्रकरण एक जैसे ही हैं ।

आपसी दुश्मनी या राजनैतिक दुश्मनी निकालने के लिए भाजपा और आरएसएस के लोग मॉब लिचिंग का इस्तेमाल करते हैं।आरएसएस की शाखाओं में इस बात की ट्रेनिंग दी जाती हैं की मॉब लिचिंग को कैसे अंजाम तक पहुँचाया जाता हैं।

माननीय मुख्यमंत्री कमलनाथ जी को पत्र लिखकर दोनों विषयों में सख़्त कार्रवाई की मॉंग की गई हैं।भाजपा के शासनकाल में अनेक मॉब लिचिंग एंव गो रक्षकों के मुखौटे लगाकर अनेक अपराध हुए हैं जिनमें भाजपा के लोग सीधे शामिल रहे हैं।ऐसे व्यक्तियों के नाम उजागर होना अतिआवश्यक हैं।इसलिए माननीय मुख्यमंत्री से निवेदन किया हैं की एसआईटी के माध्यम से सभी प्रकरण की जॉंच पुन: करायी जाये जिससे की भाजपा के अपराधिक तत्व 

क़ानून की गिरफ़्त में आ सके।इससे पीड़ित वर्ग को भी न्याय मिलेगा।

लगभग सौ से ज़्यादा ऐसे मामले हैं जहां साज़िश रचकर भाजपा के नेताओं ने मॉब लिचिंग की हैं।

भाजपा और आरएसएस ने राजनैतिक फ़ायदे के लिए मॉब लिचिंग का सुसंगठित गिरोह का संचालन सालो से अपने विरोधियों को निपटाने के लिए किया हैं।जिसका ख़ामियाज़ा अनेक लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा हैं।

सन 2014 में तीन मामले ऐसे आये जिसमें 11 लोग ज़ख़्मी हुए।सन 2015 में 12 मामलों में 10 लोगों को पीट पीट कर मार दिया गया।सन 2016 में गो रक्षकों के नाम पर 8 लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी ।सन 2017 एंव 2018 में ऐसे अनेक मामले हुए जिसमें लोगों की जानें गई।गो रक्षकों नाम पर सीधे एक अल्पसंख्यक वर्ग को निशाना बनाया गया हैं।पिछले एक वर्ष में 10 से ज़्यादा मॉब लिचिंग की घटनाओं को साज़िश रचकर म.प्र. की कमलनाथ सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से अंजाम दिया गया हैं।इन घटनाओं में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीक़े से भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोग शामिल होने आशंका हैं।मॉंब लिचिंग की प्रमुख घटनाएँ भोपाल,इन्दौर,उज्जैन,नरसिंहपुर,गाडरवारा,रायसेन,मंडला,बालाघाट,बैतूल आदि बहुत से ज़िलों में ये घटनाएँ षड्यंत्र रचकर की गयी हैं।

एनसीआरबी के जारी ऑंकड़ो के अनुसार म.प्र.में लगभग 138 मामले फ़ाइलों में दर्ज हैं।

दलितों को अपमानित करने में भी भाजपा ने रिकॉर्ड बना दिया हैं।हाल ही में उज्जैन का भाजपा मंडल पदाधिकारी दलित होने की सजा भुगत रहा हैं ।लगभग 8 दिन से लापता दलित मंडल पदाधिकारी की सुध शिवराज सिंह चौहान ने नहीं ली हैं।म.प्र. की कमलनाथ सरकार पर जंगलराज का आरोप लगाने वाले शिवराज सिंह चौहान भाजपा के दलित पदाधिकारी की रक्षकों कर नहीं सके अब कब तक म.प्र. की जनता को नौटंकी दिखाकर धोखा देंगे ।

भाजपा नेताओं की मॉंब लिचिंग एंव दलितों के अपमान से भाजपा का नक़ाब उतर गया हैं।म.प्र.की जनता के सामने मॉंब लिचिंग करने वाला तथा दलितों को अपमान करने वाली भाजपा का विकृत चेहरा सामने हैं।विरोध को दबाना भाजपा का सिद्धांत बन गया हैं।इसका ख़ामियाज़ा गरीब दलित वर्ग भुगत रहा हैं।

राकेश सिंह यादव
प्रदेशसचिव
म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी
भोपाल







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