भाजपा_सरकार_में_ओबीसी_व_दलित_विरोधी_एक_और_कार्य 

ओबीसी व दलित राष्ट्रवाद व हिंदुत्व के जोश से लबरेज हो केवल जय श्री राम बोलने में ही सुख प्राप्त कर रहा है जबकि सरकार द्धारा धीरे धीरे उसके सारे अधिकार कोर्ट के माध्यम से उससे छिनवाये जा रहे है। न्याय के देवता अब एक के बाद एक जातिवादी निर्णय देने में व्यस्त हैं और सरकार कान में तेल डालकर सो रही है जबकि यही भाजपा सरकार ओबीसी पीएम का ढिंढोरा सबसे ज्यादा पीटती है। जिस वर्ग को इस सरकार से लाभ मिल रहा है वह सरकार का गुड़गान कर रहा है यह तो समझ में आ रहा है लेकिन अपने हकों को अपनी आंखों के सामने छिनता हुआ देखने के बाद भी ओबीसी दलित पता नही क्यों भाजपा सरकार के गुड़गान में व्यस्त है।

हे ओबीसी व दलित वर्ग के महानुभावों हिन्दू मुस्लिम, पाकिस्तान से आपके बच्चों को नौकरियां नही मिलेंगी, अभी भी समय है जग जाओ और अपने अधिकारों के खिलाफ खेले जा रहे इस षडयंत्र का डटकर मुकाबला करो ताकि आपके बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे।

चुनाव खत्म होते ही ओबीसी व दलित के विरोध में निर्णय आ गया, टाइमिंग एकदम सेट है ओबीसी व दलित महानुभावों आपके हकों पर घात करने के लिए, सरकार सीधे आपके आरक्षण को खत्म करने के लिए कार्य नही कर रही लेकिन कोर्ट के माध्यम से धीरे धीरे आरक्षण रूपी आपके अधिकार को घात लगाकर समाप्त कर रही है।

समय है अभी भी जाग जाओ ओबीसी व दलितों वरना भूतकाल का भारत आपका स्वागत बाहें फैलाकर करने को बेताब है जिसमे तुम्हारे पास जाति आधारित कर्मो से इतर कोई अधिकार नही थे, मानवीय मूल्यों से तुम्हारा कोई रिश्ता न था, सामाजिक प्रतिष्ठा तो भूल ही जाइये, आर्थिक स्थिति की मजबूती सपनों तक सीमित थी, तुम्हारा काम केवल शुद्र बन सेवा करना ही रह जायेगा फिर पैर दबाकर जिंदगी बसर करने पर गर्व करना।

27_प्रतिशत_में_कैद_85_प्रतिशत_जनता

अभी भी समय है ओबीसी व दलित सुधर जाओ वरना औलादें तुम्हारी भीख मांगते नजर आएंगी।

ओबीसी व दलित समाज इस दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय की निंदा करता है।

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