सिलौंड़ी से कुंडम रोड पर अम्हेटा मार्ग को जमीन खा गई,या आसमान निगल गया, पगडंडी से चलने को मजबूर यहां के वाशिंदे?

कलयुग की कलम ग्रामीण रिपोर्टर कटनी/सिलौंड़ी :- 

शासकीय राशि की बंदरबाँट का जो दौर वर्तमान समय में चल रहा है इसमें निर्माण कार्य ऐसे गायब होते हैं जैसे उन्हें जमीन खा गई हो या आसमान निकल गया।

ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया जब स्थानीय जनों ने महादेव घाट से अम्हेटा पहुंच मार्ग का मुद्दा उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि कृषकों के आवागमन के लिए सबसे उपयुक्त और पुराना मार्ग सिलौंड़ी-कुंडम मार्ग के सूखा पुल के पास से अम्हेटा तक पहुंचता है। लगभग 3 किलोमीटर के इस मार्ग के दुर्गम होने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

कागजों में हुआ था मार्ग निर्माण

लोगों की मांग मार्ग निर्माण की थी जिसके चलते ग्राम पंचायत में ऐसी हेतु प्रस्ताव पारित किया और कथित तौर पर मार्ग निर्माण किया जो कि सिर्फ और सिर्फ कागजों में दर्ज है।

किसानों की राह कठिन 

वैसे तो पहले से ही किसानों की राह बहुत कठिन थी क्योंकि इस मार्ग में किसानों का ही अत्यधिक आवागमन होता है उनकी मांग के चलते किसानों द्वारा की गई घोर अनियमितता के चलते कागजों में तो उक्त मार्ग दर्ज हो गया लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है ।

पगडंडी से हो रहा का आवागमन

हताश किसानों ने भास्कर को बताया कि कृषि कार्य हेतु आवागमन व खाद्य बीज ले जाने हेतु पगडंडी से आना जाना पड़ता है जो कि उनके लिए अत्यधिक दुश्वार होता है।

पंचायत बताए कहां हुआ निर्माण

मार्ग के नाम पर की गई धांधली के चलते स्थानीय कृषकों ने मांग की है कि पंचायत आखिर बताएं कि उसने जमीनी तौर पर कहाँ पर मार्ग निर्माण कराया था।

तस्वीरें बयां करती हैं अनियमितता की बानगी

पंचायत द्वारा बरती गई अनियमितता और किसानों के साथ हुए चलावे को तस्वीरें बयां करती हैं और तो और इतनी दुर्गम मार्ग पर आवागमन करना किसान के लिए अत्यंत कष्टप्रद है साथ ही जिम्मेदारों का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है।

मार्ग निर्माण की हो जांच

अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए किसानों और स्थानीय जागरूक जनों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि वे इस मार्ग में हुए तमाम निर्माण कार्यों की जांच करें और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें ताकि उन्हें सबक मिल सके।




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