बस स्टैंड में स्वच्छता अभियान के सभी दावे हवा हवाई चारो तरफ कूड़े का साम्राज्य 

बस स्टैंड पर न शौचालय की व्यवस्था, न कूड़ा संयंत्र

कोरिया (जनकपुर ) बस स्टैंड में स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ रही हैं। बेहतर साफ-सफाई के सारे दावे यहां खोखले साबित हो रहे हैं। बस स्टैंड को चकाचक रखने में न पंचायत कोई योगदान दे रही है और न ही प्रशासन की नजर है। लिहाजा, गंदगी जहां तहां पड़ी पर्यावरण के लिए भी खतरा बनी हुई है। बस स्टैंड परिसर की हालत तो ऐसी है कि राहगीरों का स्वागत भी मुख्य गेट पर गंदगी से ही होता है। 

यहां पर बस स्टैंड के साथ सप्ताहिक बाजार  के क्षेत्र में इस कदर कूड़ा बिखरा पड़ा है, मानो कई सालों से यहां सफाई ही नहीं की गई हो। 

भरतपुर पंचायत एक दर्जन पंचायतों का केंद्र बिंदु भी माना जाता है। रोजाना सैकड़ों मुसाफिर यहां से होकर गुजरते हैं मगर बस स्टैंड पर न शौचालय की कोई व्यवस्था है और न ही कोई कूड़ा संयंत्र यहां पर बना है। जबकि, सालो पहले ग्राम  पंचायत

ने बस स्टैंड के पास 1 डस्टबीन रखे थे जो अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। उसके बाद पंचायत ने यहां पर फैल रही गंदगी के बारे में कभी भी विचार विमर्श नहीं किया। सफाई अभियान जनकपुर  में जरूर चलाए गए। 

यह सफाई अभियान भी साफ सुथरी गलियों तक ही सीमित रहे। प्रवेश द्वार पर कभी भी सफाई अभियान नहीं चलाया गया है। बस स्टैंड पर एक दर्जन से ज्यादा अवैध ठेले वाले हैं, जो सब्जी और अन्य कारोबार कर रहे हैं।

बस स्टैंड के आसपास के दुकानदार और ठेले वाले अपने सामने सफाई कर कूड़ा वहीं फेंक रहे हैं। मामूली सी हवा चलने पर ये कूड़ा आसपास की आबादी में उड़ रहा है। पंचायत ने आज तक इन्हें कोई ऐसी सूचना भी जारी नहीं की कि कूड़े को एक जगह डाला जाए। अब आलम ये हो गया है कि बस स्टैंड पर बदबू बहुत ज्यादा हो चुकी है। अगर, हल्की हवा चलें तो सारा कूड़ा सड़कों पर फैल रहा है।

 राजेश सिन्हा कलयुग की कलम ब्यूरों चीफ कोरिया 





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