वंशकारों के सामने आजीविका का संकट बांस की कमी से बेरोजगारी बढ़ी

कलयुग की कलम ग्रामीण रिपोर्टर कटनी/सिलौंड़ी:- 

सिलौंड़ी के विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में वंश पूजन की परंपरा लंबे समय से रही है। वैवाहिक आयोजनों में जिसकी बानगी देखी जा सकती है। लेकिन वक्त के बदलाव के साथ बांस खत्म होने से कर्मकांड के साथ-साथ बंशकार समाज की आजीविका पर भी संकट आन खड़ा हुआ है। ज्ञात हो कि सिलौंड़ी में बंशकार समाज के सैकड़ों परिवार निवास करते हैं जिनकी आजीविका का साधन सिर्फ और सिर्फ बांस से बनी हुई वस्तुएं की है,लेकिन बांस ना मिल पाने के कारण उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

क्षेत्र में बांस खत्म

किसी समय जंगल में और खेतों में भरपूर मात्रा में बांस होने की वजह से इन्हें भरपूर आपूर्ति होती थी लेकिन आज बात खत्म हो जाने से इनके रोजगार पर संकट गहराता जा रहा है।

लगभग सैकड़ों परिवार बेरोजगार

बांस उपलब्ध ना होने के कारण नगर की बहुत बड़ी आबादी। जो बंशकार समाज की है,लगभग बेरोजगारी के मुहाने पर आ खड़ी हुई है।

अब पलायन का दौर

बंशकार समाज का पैतृक व्यवसाय बांस से निर्मित वस्तुएं ही रही है, समय के साथ-साथ बढ़ते परिवारों  और उनके लिए रोजगार उपलब्ध ना होने को पाने की वजह से अब क्षेत्र से पलायन कर रहे हैं।

क्षेत्र में बड़ी आपूर्ति करता है सिलौंड़ी

क्षेत्र का सबसे बड़ा व्यवसायिक केंद्र होने के कारण लोगों का अत्यधिक आवागमन भी सिलौंड़ी में रहता है और बांस की वस्तुओं की सबसे बड़ी आपूर्ति भी सिलौंड़ी से ही होती रही है। 

ज्ञात हो कि सिलौंड़ी से लगे हुए लगभग पचासों ग्रामों में बांस का काम करने वाले लोग नहीं है या ये काम होता नहीं है।

तो नई पीढ़ी भूल जाएगी पैतृक कार्य 

यदि समय रहते बंशकार समाज को बांस की उपलब्धता एवं अनुकूलता नहीं मिलती है तो समाज की आने वाली पीढ़ी अपनी उस विशिष्ट कला क्षमता को भूल जाएगी और यह इतिहास बन कर रह जाएंगे।

जिपं सदस्य ने विभाग को अवगत कराया

बंशकार समाज की लगातार मांग के चलते एवं उनकी व्यथा के चलते क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य प्रगति राय ने वन विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया साथ ही जल्द से जल्द उन्हें सुविधा दिलाने हेतु मांग की।

प्रशासन दिलाए राहत

बेरोजगारी की मार झेल रहे बंशकार समाज के सामने पेट पालने का संकट गहराता जा रहा है। जिसके चलते उन्होंने प्रशासन एवं सक्षम जनों से आग्रह किया है कि उन्हें जल्द से जल्द राहत दिलाई जाए ताकि उन्हें पलायन पर मजबूर ना होना पड़े।

इनका कहना है

"बांस ना मिल पाने से बंशकार समाज के सामने भरण पोषण का गंभीर संकट है।विभाग को समस्या से अवगत कराया है,हर संभव मदद करूंगी।

प्रगति राय

सभापति जिला वनसमिति,कटनी

"सभापति महोदया ने बांस की कमी से अवगत कराया था।जिसके चलते पान उमरिया डिपो में बांस उपलब्ध करा दिए गए हैं।"

परिक्षेत्र अधिकारी

वन परिक्षेत्र रामपुर

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