धार्मिक अड्डों की संपत्ति जप्त कर हॉस्पिटल बनवाए जाएं= शिवसिंह

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 पूर्व से कई बुद्धिजीवी एवं विशेषज्ञ समाजसेवी यह बात उठाते रहे की यह देश धार्मिक पाखंड से ज्यादा दिन तक चलने वाला नहीं है देश के विकास की गति यदि तेज करना है तो धार्मिक पाखंड से हटकर विकास की नई सोच पैदा कर उसे गति देना होगा जैसे स्वास्थ्य शिक्षा सफाई पर्यावरण जल संरक्षण आदि पर विशेष ध्यान देना पड़ेगा आज कोरोना महामारी ने विश्व को बता दिया कि हर गांव में मंदिर मस्जिद गिरजाघर गुरुद्वारों की जगह हॉस्पिटल एवं पुजारियों पाखंडिओं की जगह डॉक्टरों की जरूरत है आज पंडा पुजारी  मौलवी सब अपने-अपने अड्डों से भाग खड़े हुए यदि सामने कोई सेवा भाव से खड़ा है तो वह  है इंसानी भगवान के रूप में डॉक्टर आज यदि प्रत्येक जिले में 5 हॉस्पिटल हैं तो  10 हजार से अधिक मठ मंदिर है  जिनका उपयोग  मात्र व्यक्ति को धार्मिक रूप से गुलाम बनाने किया जाता है  और उसका राजनैतिक उपयोग राजनीतिक दल करते हैं आज समूचे विश्व के अंदर धर्म की दुकान चलाने वाले पाखंडी धार्मिक  अड्डो में ताले लगाकर भाग खड़े हुए हैं आज यदि खुले हैं तो 24 घंटे हॉस्पिटल जिसके आशा एवं विश्वास मैं पूरा देश टिका हुआ है आज जगह-जगह बात हो रही है तो मात्र डॉक्टर एवं हॉस्पिटल की इसलिए प्रशासन को चाहिए कि तत्काल सभी मठ मंदिरों की संपत्ति राजसात कर उनमें में ताला लगा देना चाहिए और जो पंडे पुजारी मंदिरों की संपत्ति  का अपने निजी कार्य में उपयोग किए हैं  उन्हें गिरफ्तार कर उनसे संपत्ति जप्त  की जाकर जप्त की गई संपत्ति का  उपयोग हॉस्पिटल  बनाए जाने मैं किया जाए

                     
                   
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