ग्रामीण क्षेत्र के दौरे पर निकले कलेक्टर ने देखी, शेडनेट हाउस में की जा रही शिमला मिर्च की खेती देख कर हुये खुश

कलयुग की कलम ग्रामीण रिपोर्टर कटनी :-

ग्रामीण क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान जिले में उद्यानिकी फसलों का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने बुधवार को खिरहनी क्षेत्र में विजय निषाद पिता बिहारी लाल निषाद द्वारा शेडनेट हाउस में की जा रही शिमला मिर्च की खेती को देखकर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को उद्यानिकी किसानों को समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन और सब्जी उत्पादों के विपणन (मार्केटिंग) कार्य में सहयोग करने के निर्देश दिये। इस दौरान उप संचालक कृषि ए0के0 राठौर, सहायक संचालक उद्यानिकी अरुण पाण्डेय तथा उद्यान विकास अधिकारी भी उपस्थित रहे। कलेक्टर श्री सिंह ने सबसे पहले खिरहनी क्षेत्र में लीला बाई निषाद द्वारा की जा रही शिमला मिर्च और सब्जियों की खेती का निरीक्षण किया। लीला बाई ने कलेक्टर को बताया कि उद्यानिकी विभाग द्वारा ड्रिप एरिगेशन के तहत एक लाख 5 हजार रुपये की सहायता मिली है। जिसमें 45 हजार रुपये का अनुदान है। अपने एक हैक्टेयर खेत में गोभी और शिमला मिर्च तथा टमाटर में ड्रिप एरिगेशन के माध्यम से सिंचाई करती हैं। जिससे पानी का अपव्यय भी नहीं होता है और उत्पादन भी अच्छा मिलता है। कलेक्टर श्री सिंह ने खिरहनी क्षेत्र में ही विजय निषाद द्वारा शेडनेट हाउस में की जा रही शिमला मिर्च की खेती का अवलोकन किया। उद्यानिकी कृषक विजय ने कलेक्टर को बताया कि वर्ष 2017-18 में उन्हें उद्यानिकी विभाग से 28 लाख 40 हजार रुपये की लागत से 400 वर्गमीटर क्षेत्र का शेडनेट हाउस स्वीकृत हुआ था। जिसमें 50 प्रतिशत 14 लाख 20 हजार का अनुदान मिला है। शेडनेट हाउस में पहली बार शिमला मिर्च लगाई, जिससे भरपूर मुनाफा मिला। दूसरी फसल कुकुम्बर खीरे की ली, अब तीसरी बार फिर से शेडनेट हाउस में शिमला मिर्च की फसल ले रहे हैं। वर्तमान में लगभग एक क्विंटल शिमला मिर्च बरही के बाजार में प्रतिदिन विक्रय कर रहे हैं। विजय निषाद ने अपने 12 एकड़ के खेत में फूलगोभी, भटा, टमाटर भी लगाये हैं। जिसमें सिंचाई मल्चिंग पद्धति से कर रहे हैं। सब्जी की फसलों में बहुत कम कीटनाशकों का प्रयोग करते हैं। साथ ही बिना रासायनिक खाद का उपयोग कर जैविक खेती के माध्यम से सब्जियां पैदा कर रहे हैं।


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