कलयुग की कलम 

लॉकडाउन के बाद की परिस्थितियों पर केंद्र सरकार ने होमवर्क नहीं किया ।जल्दबाजी में बिना समय दिये लॉकडाउन करना समझ से परे हैं की स्थित संभल रही हैं या बिगड़ रही है..?

देश को लॉकडाउन की गंभीरता समझा कर 24 या 48 घंटे का समय देकर लॉकडाउन किया जा सकता था।जिससे आज जो हालात बन रहे हैं गरीब जनता के इन हालातों से बचा जा सकता था।क्या वजह हैं की जनता की चुनी हुई सरकार जनता के हित के फ़ैसले भी चुपचाप करके देश की जनता को ही विश्वास में न लेकर रातोंरात लॉकडाउन की घोषणा करके पुलिस का बल प्रयोग जनता पर कराया जाता हैं।यह प्रजातंत्र में हिटलरशाही का सर्वश्रेष्ठ नमूना हैं।

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