ज्योतिराज सिंधिया का भाजपा में जाना एक गलत निर्णय साबित हो सकता है।

जरूरत थी मध्यप्रदेश में एक तीसरा विकल्प तैयार करने की

मेरा या व्यक्तिगत विचार है की सिंधिया जी ने जो निर्णय लिया है कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में जाने का वह कहीं ना कहीं गलत निर्णय है मैं इस निर्णय का कदापि ही समर्थन नहीं करता।

सिंधिया जी के कांग्रेस छोड़ने पर कहीं ना कहीं प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व का अहम रोल रहा है

सिंधिया जी को भाजपा में 9 जाकर अपनी एक अलग पार्टी का निर्माण करना चाहिए था और साथ में जो वहां के छोटे दल और वहां के अन्य इच्छुक लोग हैं जो उनके साथ आकर कार्य करना चाहते थे उन्हें लेकर एक नई पार्टी का निर्माण करना चाहिए था।

भाजपा में जाने का निर्णय बहुत ही गलत निर्णय साबित हो सकता है आगे चलकर हो सकता है इन्हें अपनी अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़नी पड़े।

इसलिए मैं सिंधिया जी के इस निर्णय का समर्थन नहीं करता

मध्यप्रदेश में एक मौका था कांग्रेस और बीजेपी से हटकर एक नया विकल्प तैयार करने की जिसमें संध्या जी को अहम रोल निभाना था पर नहीं तात्कालिक लाभ के चलते उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन करने का निर्णय किया 

हो सकता है आगे चलकर इस निर्णय का मध्यप्रदेश और सिंधिया जी को खामियाजा भुगतना पड़े।

ई.अलप भाई पटेल

प्रदेश प्रभारी मराठा सेवा संघ, उत्तर प्रदेश 

राष्ट्रीय प्रभारी आईटी सेल और राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री मानववादी छात्र युवजन सभा (अर्जक संघ)

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