जनकपुर बैंक परिसरों में नहीं है पार्किंग, रोड पर खड़े रहते हैं वाहन, लग  रहा जाम

कलयुग की कलम 

जनकपुर के मेन रोड पर संचालित सभी राष्ट्रीयकृत बैंक के परिसरों में वाहनों की पार्किंग के कोई इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में

जनकपुर के मेन रोड पर संचालित राष्ट्रीयकृत बैंक के परिसरों में वाहनों की पार्किंग के कोई इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में बैंक में कामकाज के लिए आने वाले उपभोक्ता रोड पर ही अपने दो और चार पहिया वाहन खड़े करते हैं। रोड पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। साथ ही बैंक में आने-जाने के दौरान उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जनकपुर में पार्किंग की सबसे ज्यादा खराब स्थिति स्टेट बैंक और ग्रामीण बैंक शाखा के सामने है। सामने वाहनों की कतार न केवल यातायात को प्रभावित करती है, बल्कि बैंक में आने-जाने वाले उपभोक्ताओं को भी दिक्कत होती है। दोनों ही जगह बैंक प्रबंधन ने मेन रोड की सड़क को ही अघोषित रूप से पार्किंग बना डाला है। मेन रोड पर अन्य राष्ट्रीयकृत ऐ टी म भी संचालित हैं। इसमें  वही  दो दो ग्रहक सेवा भी है, बैंक ऑफ  इंडिया आदि शामिल हैं। इनमें से किसी के भी पास पार्किंग व्यवस्था नहीं है। परंतु सबसे ज्यादा वाहनों की कतारें स्टेट बैंक और ग्रामीण बैंक  के सामने ही लगती हैं। इससे कई बार जनकपुर में मेन रोड पर ट्रैफिक व्यवस्था भी लड़खड़ा जाती है। 

एसबीआई शाखा के बाहर मुख्य रोड पर खड़े दो पहिया वाहन। 

लोगों को पैदल गुजरना भी होता है मुश्किल 

मालूम हो जनकपुर में केवल सिर्फ तीन बैक है  कपेरिटी बैंक और ग्रामीण बैंक औऱ भारतीय स्टेट बैंक का कामकाज ज्यादा है। इसके उपभोक्ताओं की संख्या भी अपेक्षाकृत अधिक है। स्टेट बैंक और ग्रामीण बैंक में रोज सैकड़ों उपभोक्ता आते है। परंतु दोनों ही बैंक की अपनी कोई पार्किंग व्यवस्था नहीं है। इसलिए यह उपभोक्ता बैंक के सामने ही मेन रोड पर अपने दो पहिया वाहन खड़े कर देते हैं। बैंकों के सामने बेतरतीब खड़े ये वाहन कई बार मेन रोड की ट्रैफिक व्यवस्था को बिगाड़ देते हैं। कभी कभार तो सड़क पर जाम तक लग जाता है। वही बैंक मेंं पैदल जाने वालों को भी खासी मशक्कत करनी पड़ती हैं। इसमें निशक्त और बुजुर्ग उपभोक्ताओं को ज्यादा परेशानी होती है। इसके अलावा ।वही जनकपुर में कोटडोल तिराहा की ओर जाने वाली गली में दर्जनों वाहन खड़े रहते हैं। इस कारण रोड से अन्य वाहनों को निकालना मुश्किल हो जाता है।

कोरिया से राजेश सिन्हा की खास रिपोर्ट


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