“कोरोना राहत पैकेज मुख्यमंत्री की असंवेदनशीलता का प्रतीक”

“दिहाड़ी मज़दूरों के लिए मात्र 1000 रुपये की सहायता राशि घोषित करना ग़रीबों का मज़ाक़ उढाना”

“सामाजिक पेंशनधारियों को मात्र दो माह के 1200 रुपये प्रदान करना पेंशनधारियों पर व्रजपात करा हैं”

“मुख्यमंत्री बताये की म.प्र. के मज़दूरों एंव पेंशनधारियों का परिवार मात्र 1000 रूपये एंव 1200 रूपये में कैसे ज़िंदा रह पायेंगे,,

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया हैं की म.प्र.के मुख्यमंत्री ने कोरोना राहत पैकेज की घोषणा म.प्र. की जनता से मज़ाक़ किया हैं।जनता के हितों की तिलांजलि देकर दिहाड़ी मज़दूरों एंव सामाजिक पेंशनधारियों को राहत के नाम पर नाम मात्र की मदद देकर म.प्र.की जनता को भूखे मरने के लिए छोड़ दिया हैं।21 दिन के लॉकडाउन में राहत पैकेज के नाम पर म.प्र. सरकार ने ग़ैरज़िम्मेदार रवैया अपनाकर म.प्र. के ग़रीबों को भूखे मरने के लिए छोड़ दिया हैं।

मुख्यमंत्री का रवैया ग़ैरज़िम्मेदाराना हैं जिस तरह से जनमत के विरूद्ध मुख्यमंत्री बनकर जनता से बदला लेने की कोशिश कर रहे हैं यह एक निंदनीय कृत्य हैं।कॉंग्रेस मुख्यमंत्री के राहत पैकेज की भर्त्सना करती हैं।इसके साथ ही मुख्यमंत्री से मॉंग करती हैं की मज़दूरों को 15000/-रूपये का राहत पैकेज तत्काल दिया जाये एंव सामाजिक पेंशनधारियों को भी 5000/- रुपये की तत्काल मदद दी जाना चाहिए।

राकेश सिंह यादव
प्रदेशसचिव
म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी
भोपाल

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