कलेक्टर ने किया शासकीय संजय निकुंज का निरीक्षण, हालत सुधारने स्वसहायता समूह करेंगे सहयोग

कलयुग की कलम ग्रामीण रिपोर्टर कटनी :-

कलेक्टर ने किया मौका निरीक्षण

उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित उद्यान शासकीय निकुंज की हालत सुधारने और उन्हें व्यवस्थित तथा उपयोगी बनाने के लिये आजीविका मिशन के महिला स्वसहायता समूहों का सहयोग लिया जायेगा। कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने बुधवार को शासकीय संजय निकुंज खिरहनी और बड़वारा का भ्रमण कर उद्यानों की हालत और गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान उप संचालक कृषि ए0के राठौर, सहायक संचालक उद्यान अरुण पाण्डे, आजीविका मिशन की जिला प्रबंधक शबाना बेगम और उद्यान अधिकारी भी उपस्थित थे।

कलेक्टर श्री सिंह ने निरीक्षण के दौरान शासकीय उद्यानों का रखरखाव उचित नहीं होने के फलस्वरुप उचित स्वरुप की नर्सरी नहीं पाये जाने तथा उद्यान का व्यवस्थित संधारण नहीं होने से उद्यान नर्सरी तैयार करने का कार्य आजीविका मिशन के स्वसहायता समूहों को सौंपने के निर्देश दिये। कलेक्टर के निर्णय से जहां शासकीय उद्यानों की हालत बेहतर होगी तथा आम नागरिकों को उचित दर पर फलदार पौधे उनकी पसंद अनुसार मिल सकेंगे। शासकीय उद्यानों के रखरखाव बेहतर होने के साथ ही आजीविका मिशन की समूह महिलाओं को रोजगार के साधन नर्सरी से उपलब्ध होंगे। वहीं उनमें आर्थिक सक्षमता भी आयेगी। जिला पंचायत द्वारा मनरेगा स्कीम से शासकीय उद्यान रोपणी बड़वारा के लिये नर्सरी निर्माण हेतु 50 लाख 34 हजार की स्वीकृति दी गई है। इस रोपणी की कार्यकारी एजेन्सी आजीविका मिशन के दुर्गा महिला स्वसहायता समूह को बनाया गया है। इसी प्रकार शासकीय संजय निकुंज खिरहनी की नर्सरी निर्माण के लिये 50 लाख 34 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इसकी एजेन्सी शिव शक्ति स्वसहायता समूह ग्राम खिरवा को बनाया गया है। प्रत्येक उद्यानों में 0.81 हैक्टेयर क्षेत्र में नर्सरी की स्थापना में स्वसहायता समूहों द्वारा नर्सरी स्थापना के महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम के मार्गदर्शी सिद्धांतों का पालन किया जायेगा। समूहों को नर्सरी की स्थापना का कार्य तीन वर्ष तक करना होगा। कलेक्टर श्री सिंह ने उद्यानों के निरीक्षण के दौरान उपस्थित स्वसहायता समूहों की महिलाओं से रुबरु बातचीत की और उन्हें नर्सरी स्थापना का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिये हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने शासकीय संजय निकुंज खिरहनी में निरीक्षण के दौरान साढ़े बारह एकड़ की भूमि में स्थित आम, अमरुद बागानों का उचित रखरखाव एवं प्रबंधन तथा नर्सरी के पौधों को जीवित रखकर उनके उचित स्वरुप में विक्रय और विपणन करने के निर्देश दिये हैं।



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