जन्म कुंडली में कैंसर योग और समाधान ... Http:/www.pranayanpathak.co.inजब कुंडली में चंद्रमा छठे, आठवें,  बारहवें भाव में हो और चंद्रमा पर तीन पाप ग्रहों की दृष्टि हो तो यहा कैंसर कारक होता है. 

शनि और गुरु अगर कर्क  या मकर राशि में हो तो कभी भी कैंसर होने की संभावना रहती है. शनि केतु और गुरु पर यदि नीच के चंद्रमा या नीच के मंगल की  पूर्ण दृष्टि हो. और  गुरु-  केतु और शुक्र का किसी भी राशि में योग हो और चंद्रमा- केतु और शनि तथा चंद्रमा- केतु और मंगल या चंद्रमा -राहु और शनि कहीं भी एक साथ बैठे हो तो भी कैंसर होने का योग बनता है.

इसके अतिरिक्त छठे भाव में स्थिर राशि का मंगल इसी भाव में 

द्वीस्वभाव राशि का शनि भी कैंसर के कारक माने जाते हैं. 

जिस जातक की कुंडली में इस प्रकार के योग हो  उन्हें राम रक्षा स्तोत्र और देवी कवच का निरंतर पाठ करते रहना चाहिए तथा कुंडली के ग्रहों के अनुसार  रत्न चिकित्सा भी करना चाहिए.

जय माता दी.

ज्योतिषाचार्य

डॉ. प्रणयन एम.पाठक

मो. 9202220000

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