पूरी सतर्कता व सावधानी से करें गेहूं खरीदी कार्य - कलेक्टर एसबी सिंह

कलयुग की कलम ग्रामीण रिपोर्टर सोनू त्रिपाठी कटनी 

राज्य शासन के निर्देशानुसार कोरोना संक्रमण से बचाव की सभी सावधानी के साथ 15 अप्रैल से जिले में गेहूं खरीदी का कार्य प्रारंभ किया जायेगा।कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने जिले के सभी खरीदी केन्द्रों में किसानों और खरीदी केन्द्र के कर्मचारियों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखते हुये पूरी सतर्कता और सावधानी के साथ गेहूं खरीदी कार्य संचालित करने के निर्देश दिये हैं। गेहूं उपार्जन की तैयारियों संबंधी बुधवार को संपन्न बैठक में अपर कलेक्टर साकेत मालवीय, उप संचालक कृषि ए0के0 राठौर, जिला आपूर्ति अधिकारी पी0के0 श्रीवास्तव, सहायक पंजीयक अरुण मेश्राम, जिला प्रबंधक नान पीयूष माली, जिला प्रबंधक मार्कफेड शिखा वर्मा सहित सहकारी बैंक और वेयरहाउसिंग के अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के संबंध में सभी गाईडलाईन और सावधानियों का सख्ती से पालन करते हुये उपार्जन का कार्य करें। उपार्जन अवधि में खरीदी केन्द्रों में आने वाले किसानों के साथ ही कार्यरत कर्मचारी भी अपना स्वास्थ्य का बचाव प्राथमिकता से करें। उन्होने कहा कि उपार्जन के दौरान समिति और खरीदी केन्द्रों में सोशल डिस्टेन्स का सख्ती से पालन किया जाये। किसी भी स्थिति में भीड़ भाड़ या समूह में लोग नहीं इकट्ठा होने दें, समिति की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। सोशल डिस्टेन्स के लिये खरीदी केन्द्रों में गोले की लक्ष्मण रेखा बनायें। हर केन्द्र में सेनीटाईजर, साबुन और बल्टियों में पर्याप्त पानी हाथ धुलाने के लिये रखें। हर दो घंटे बाद खरीदी केन्द्र में आने वाले किसानों और मजदूरों के हाथ धुलवायें। सभी ग्राम पंचायतों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लीचिंग पावडर और सोडियम हाईपोक्लोराईड सॉल्यूशन के माध्यम से विसंक्रमितकरण किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों का सहयोग लेकर खरीदी केन्द्र स्थल का भी विसंक्रमीकरण करायें। खरीदी केन्द्र के सर्फेस, दरवाजे के हैण्डिल इत्यादि प्रतिदिन विसंक्रमितकरण करायें। 

सभी खरीदी केन्द्रों में सोशल डिस्टेन्स, सैनीटाईजेशन और डिसइन्फेक्शन की व्यवस्था कड़ाई से रखी जायेगी। पेयजल के लिये सामान्य तापमान का पानी रखा जाये। आजीविका समूह और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा मास्क तैयार कर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। बड़े खरीदी केन्द्र जहां किसानों की संख्या अधिक हो, तो उद्घोषणा के लिये लाउड हेलर की व्यवस्था रखें। गेहूं उपार्जन कार्य के दौरान अपना और किसानों का संक्रमण से बचाव को पहली प्राथमिकता पर रखें। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले में गेहूं उपार्जन 15 अप्रैल से 20 मई तक किया जाना हैं इसके साथ ही चना, मसूर, सरसों की भी खरीदी की जायेगी। ग्राम पंचायत में किसानों और मजदूरों की जानकारी के लिये डोडी पिटवाकर सूचना दें। खरीदी केन्द्रों में आवश्यक बारदानें, तराजू, कांटा, मॉईश्चराईजर, छात्रा, सिलाई मशीन, पंखा की उपलब्धता सुनिश्चित कर लें। खरीदी केन्द्र प्रभारी, सर्वेयर, ऑपरेटर की नियुक्तियां कर ब्लॉकस्तर पर इनका आवश्यक होने पर प्रशिक्षण दिलायें। साथ ही कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये बरती जाने वाली सावधानियों का डिमॉन्स्ट्रेशन भी करायें। गेहूं उपार्जन की तैयारियों में खरीदी केन्द्र से परिवहन और सुरक्षित भण्डारण की कार्ययोजना अनुसार कार्यवाही करें। जिला आपूर्ति अधिकारी पी0के0 श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में गतवर्ष 56 खरीदी केन्द्र थे। पंजीकृत 37518 किसानों में से 22770 किसानों ने 1 लाख 52 हजार मेट्रिक टन गेहूं विक्रय किया था। इस वर्ष 40871 किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। गेहूं की फसल अच्छी होने और रकवा तथा किसानों की संख्या में वृद्धि के दृष्टिगत इस साल 1 लाख 80 हजार मेट्रिक टन गेहूं की खरीदी का अनुमान है। जिले में एक लाख मेट्रिक टन गेहूं की भण्डारण क्षमता उपलब्धता है। लगभग 80 हजार मेट्रिक टन का शॉर्ट फॉल होगा। जिसके भण्डारण के प्रयास किये जा रहे हैं। उप संचालक कृषि ए0के0 राठौर ने बताया कि रबी फसलों में गेहूं 1 लाख 94 हजार हैक्टेयर में बोया गया है। फसल अच्छी होने से इस वर्ष गेहूं की उत्पादकता दर 40 क्विंटल प्रति हैक्टेयर तक अनुमानित है।


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