कलेक्टर साहब शासकीय कर्मचारी आपकी निगाह में मानव नही है क्या

          ✍🏻अमित सिंह परिहार

एक बात गले नही उतर रही है अखबारों में पढ़ने को मिला कि डॉक्टर कलेक्टर साहब के आदेश के बिना किसी भी शासकीय कर्मचारी का कोरोना टेस्ट न करे ये क्या बात हुई शासकीय अधिकारी ,कर्मचारी को मानव मानना साहब ने छोड़ दिया है क्या । सभी अमले के लोग जान पर खेल कर इस महामारी का सामना कर रहे है ।दो पुलिस निरीक्षक ,डॉक्टर इन महामारी की भेंट चढ़ चुके है ,कई इलाजरत है , कई तो अपने फेफड़ो में ये संक्रमण ले कर अपनी ड्यूटी कर रहे होंगे ।सभी को अपनी चिंता होना स्वाभाविक है ,ऐसी दशा में वे डॉक्टर के पास कोरोना जांच के लिए जाते है ,तो डॉक्टर उन्हें बैरंग लौटा रहे है । ये तो सरासर ज्यादती है । ये आंकड़ों की बाजीगरी कही शहर को भारी न पड़ जाए । माना कि पूरा देश ही आंकड़ो की बाजीगरी से चलता है जो वास्तविकता से कोसो दूर होती है । ये आंकड़े ही होते है जो वैशाख की धूप व गर्मी में शरद ऋतु की ठंडक व शीतलता प्रदान करते है । सदियों से देश इसी तर्ज पे चल रहा है ।कोई करे भी तो क्या ।

खैर मुख्य बात पर आता हूँ ,हमारे प्रशासकों को चाहिए ऐसी बेहूदा रोक तुरंत हटाये ,जो अपनी कोरोना जांच करवाना चाहता है उसकी तुरंत जांच हो पॉज़िटिव आने पर इलाज मिले ।आंकड़ो की भयावहता से कीमती नागरिकों की जान है इस बात का ध्यान सरकार और उनके बाशिंदों को रखना चाहिए 


     अमित सिंह परिहार

         पत्रकार इंदौर

    📱9691982401


जय हिंद       जय भारत

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