मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में कोराना के मरीज आने के बाद भी भारी लापरवाही देखने को मिली सब्जी मंडी में

अविनाश शर्मा
शहडोल मध्य प्रदेश
6261959407

शहडोल-  लॉक डाउन  में 27 अप्रैल की शाम शहडोल जिले में कोरोना वायरस संक्रमितों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई इसके साथ ही जिस सौभाग्य से शहडोल जिला अभी तक कोरोना वायरस की चपेट में आने से बचा हुआ था और राहत की सांस ले रहा था वह दौर अब खत्म हुआ यूं तो लॉक डाउन पार्ट वन एवं पार्ट 2 में बुढार स्थित थोक सब्जी मंडी में जमकर लापरवाही की जा रही थी सोशल डिस्टेंस मास्क एवं कई महत्वपूर्ण सावधानियों का जमकर उल्लंघन किया जा रहा था हजारों की संख्या में फुटकर सब्जी विक्रेताओं के साथ-साथ आसपास के आम आदमी भी सब्जी खरीदने के लिए मंडी पहुंच रहे थे लेकिन जो होना था वह हो गया अब जब शहडोल जिले में भी कोरोना वायरस की दस्तक हो चुकी है बुढार स्थित सब्जी मंडी में लॉक डाउन की धज्जियां जमकर उड़ाई जा रही थी दैनिक समय लगातार खबर प्रकाशित कर जिला प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करवा रहा था बीते दिनों जिला कलेक्टर डॉक्टर सत्येंद्र सिंह एवं पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र शुक्ला ने मंडी का निरीक्षण भी किया था ड्रोन कैमरे से सब्जी मंडी की निगरानी भी शुरू की गई थी मंडी में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बुढार पुलिस ने जमकर लाठी भी भांजी थी लेकिन अब जब कोरोना वायरस की दस्तक हो चुकी है तब इस मंडी के लिए जिला प्रशासन को ठोस रणनीति एवं योजना बनानी चाहिए ताकि जिस प्रकार से देश के कई बड़े शहरों में सब्जी वाले थोक एवं फुटकर विक्रेता कोरोना वायरस फैलाने के प्रमुख कारण बन चुके हैं वैसी स्थिति अपने शहर में ना बन पाए

हजारों की संख्या में पहुंचते हैं फुटकर व्यापारी मंडी-अन्य सभी प्रकार के छोटे-छोटे व्यापार-व्यवसाय जैसे फुलकी चाट मनिहारी के सामान हार माला बाला चाय पान के पोर्टल सभी पूरी तरह से बंद है जिसके कारण अधिकांश लोग रोजी रोटी कमाने के लिए सब्जी के व्यापार में उतर चुके हैं प्रशासन के द्वारा इन्हें आइडेंटी कार्ड भी जारी किए गए हैं जिला प्रशासन को थोक सब्जी मंडी में क्षेत्र के हिसाब से दिन निर्धारित करने की योजना बनानी चाहिए साथ ही साथ क्षेत्र से निश्चित संख्या में ही सब्जी विक्रेताओं को व्यापार करने की अनुमति एक निश्चित समय एवं क्षेत्र के लिए देनी चाहिए वर्तमान समय में सभी क्षेत्र से फुटकर सब्जी व्यापारी एक साथ सब्जी मंडी पहुंचते हैं जिसके कारण सोशल डिस्टेंसिंग एवं लॉक डाउन का खुला उल्लंघन होता है यदि क्षेत्र के हिसाब से निश्चित संख्या में फुटकर व्यापारी सब्जी मंडी सब्जी खरीदने के लिए जाएंगे तो व्यवस्था में अपने आप सुधार हो जाएगा इसी प्रकार एक वार्ड से सिर्फ दो सब्जी विक्रेताओं को अनुमति देने पर भी विचार किया जा सकता है क्षेत्र के हिसाब से दिन निर्धारित कर देने से अपने आप सब्जी मंडी में भीड़ नियंत्रित हो सकती है

छोटी जगह भी चिंता का कारण-थोक सब्जी मंडी काफी छोटी सी जगह में वर्षों से संचालित होती आ रही है अब जब जिले में कोरोना वायरस की दस्तक हो ही चुकी है तब प्रशासन को इस सब्जी मंडी को बड़े मैदान में स्थानांतरित करने की दिशा में भी प्रयास करने होंगे अन्यथा जिस प्रकार से इस सब्जी मंडी में हजारों की संख्या में भीड़ इकट्ठा होती है वह पूरे क्षेत्र की सावधानी पर भारी पड सकती है बड़े मैदान में मंडी स्थानांतरित होने से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुविधा के साथ किया जा सकता है वही अभी तक स्थानीय प्रशासन के द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने के लिए थोक सब्जी मंडी में किसी भी प्रकार के प्रयास नहीं किए गए हैं जिला कलेक्टर डॉक्टर सत्येंद्र सिंह ने कोरोना वायरस संक्रमितों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद 28 एवं 29 अप्रैल तक के लिए कर्फ्यू लागू करने के आदेश जारी किए थे इसके बाद जब जिला प्रशासन के आदेश के बाद मंडी यदि खुलती है तो पहले जैसे हालात ना बने इसका प्रयास जिला प्रशासन को पूरी इमानदारी से करना होगा क्योंकि शहडोल जिले की जनता दूसरों की लापरवाही का पहले भी शिकार हो चुकी है क्योंकि जिन लोगों के सैंपल कोरोना वायरस जांच के लिए भेजे गए थे बिना उनकी रिपोर्ट आए उन्हें जाने दिया गया था यह लापरवाही आज सभी के लिए खतरा बन चुकी है



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