कलेक्टर दीपक सोनी ने एसपी के साथ अतिथि देवो भवः को सार्थक करते हुए स्वयं श्रमिकों के साथ बैठकर खाई खीर, पुड़ी, और सब्जी ’


अतिथि देवो भवः को सार्थक करते हुए
दूसरें राज्यों से आए श्रमिकों को उपलब्ध कराई जा रही विशेष व्यवस्था
ब्यूरो रिपोर्ट

सूरजपुर 02 अप्रैल ।कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव हेतु अन्य राज्यो से रुके श्रमिको के लिए मुख्यमंत्री श्री भुपेश बघेल के मंशा अनुरूप अतिथि देव भवः को वास्तविक में सार्थक करनें के लिए जिलें भर में वर्तमान समय में कुल 31 स्थलों पर शिविर व्यवस्था की गई हैं।इस पर संचालन कि निगरानी कलेक्टर  दीपक सोनी खुद कर रहे हैं, इसके अलावा इनका निरीक्षण कर आत्मियता से रूके श्रमिकों से मिलकर उनके साथ भोजन और उनका उत्साहवर्धन खुद कर रहे हैं,इसी क्रम में आज देवनगर राहत षिविर में कलेक्टर  दीपक सोनी के साथ एसपी राजेष कुकरेजा व एएसपी ने पटना बिहार से रूके हुए श्रमिको के बीच पहुंचकर उनका हाल चाल जाना एवं भोजन खीर, सब्जी, पुड़ी राहत षिविर में रूके श्रमिकों के साथ खाकर अतिथि दैवो भवः को सार्थक किया।
कलेक्टर  दीपक सोनी ने पटना, बिहार के श्रमिकों का हौसला अफजाई करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से डरने व घबराने की जरूरत नहीं है। हम आपके प्रत्येक प्रकार के समस्याओं के समाधान करने आपके साथ खडे है। श्री सोनी ने सरपंच और सचिव को निर्देषित करते हुए कहा ये श्रमिक हमारे मेहमान की तरह हैं उनकी अच्छी देखभाल करें। आपके लिए सभी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति की जाएगी। कोरोना वायरस से बचाव के लिए निर्धारित मापदंड का पालन करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन पूरी ईमानदारी से करने कहा। एसपी  राजेष कुकरेजा ने भी श्रमिकों का मनोबल बढ़ातें हुए कहा कि डरने की आवष्यकता नहीं है, पुलिस प्रषासन आपकी सुरक्षा के लिए संकल्पबद्ध है।
उल्लेखनीय है कि जिले में 31 राहत शिविर स्थापित किया गया है।  सभी कैंपो में जिला के वरिष्ठ अधिकारी एसडीएम, तहसीदार व अन्य आफिसर के द्वारा कैंप पहुंचकर श्रमिकों के साथ भोजन कर हौसला अफजाई कर रहे है।  इन कैंपों में किसी भी व्यक्ति को कोई परेशानी न हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा हैं। सभी आगुन्तको के नियमित  स्वास्थ्य परीक्षण की भी सुविधा की गई हैं जिसमे की स्वास्थ्य विभाग की टीम शिविर स्थलों में जाकर इनका स्वास्थ्य परीक्षण करती हैं। सभी के मूल निवास के जिला प्रसाशन से संपर्क कर उनके परिवार की देखभाल करने के लिए आग्रह भी किया गया ताकि यहां रुके श्रमिको को अपने परिवार की चिन्ता न हो और यह संतोष रहे कि उनके साथ साथ उनके परिवार की चिंता
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