“मोमबत्ती तमाशे में आतिशबाजी करना कोरोना की मौतो पर भाजपा की श्रद्धांजलि “जुलूस निकालना कर्फ़्यू एंव सोशल डिस्टेंस का खुला उल्लंघन “

“ज़िला कलेक्टर को शिकायत दर्ज करायी गई सूत्रो से प्राप्त विडियो की जॉंच कराकर कड़ी कार्यवाही की मॉंग”

“असंवेदनशीलता का पर्यायवाची शब्द भाजपा हैं”

“लॉकडाउन के पूर्व एंव बाद की योजना ही नहीं केंद्र एंव राज्य सरकार के पास”

म.प्र कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया हैं की भाजपा की केंद्र सरकार के पास लॉकडाउन के पूर्व भी लॉकडाउन व्यवस्थित रूप से लागू करने का मास्टर प्लान नहीं था न ही लॉकडाउन समाप्त होने के बाद का मास्टर प्लान हैं।कोरोना संक्रमण रोकने में पूरी तरह विफल रही हैं केंद्र एंव राज्य सरकार ।जिसका ख़ामियाज़ा आम जनता को भुगतना पढ़ रहा हैं।मोमबत्ती के नाम केंद्र सरकार का तमाशा सारे देश ने देखा हैं।जहॉं कोरोना से मौतो की चिंता की अग्नि भी ठंडी नहीं हुई हैं वहीं केंद्र सरकार तमाशा करके आतिशबाजी करा रही हैं।क्या आतिशबाजी और मोमबत्ती भाजपा की केंद्र सरकार ने उपलब्ध करायी हैं.?जवाब दे सरकार इस असंवेदनशीलता का दोषी कौन हैं।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर कलेक्टर को शिकायत दर्ज करायी गई एंव विडियो दिया गया हैं जिसमें कल रात्री में मोमबत्ती मेगा शो में जुलूस निकालकर कर्फ़्यू का उल्लंघन किया गया है ।जॉंच करके दोषियों पर कार्यवाही की जाना चाहिए ।

आम लोग एंव गरीब वर्ग का मज़दूर भूखे मर रहा हैं लेकिन म.प्र. के मुख्यमंत्री कुंभकर्णी नींद में सो रहे हैं।मुख्यमंत्री का एक मात्र एजेण्डा कुर्सी हथियाने का था।अब न कोरोना महामारी की चिंता हैं न ही गरीब जनता की।म.प्र. में नेतृत्वहीन मुख्यमंत्री कुर्सी पर क़ाबिज़ हैं जिसका ख़ामियाज़ा जनता भुगत रही हैं।

कोरोना संकट सबके लिए है, जो लोग घरों में बंद हैं, जो अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, जिन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है, जिनकी नौकरियाँ ख़तरे में हैं, जिनके बेहद ज़रूरी काम अटक गए हैं, लेकिन सवाल ये भी है कि जब देश कहा जाता है तो उसका मतलब क्या है..???

क्या करोड़ों लोग जो रोज़ कमाते हैं, तभी खा पाते हैं, वे देश के तहत नहीं आते? क्या वे जन नहीं हैं? उनका हित जनहित नहीं है, तो फिर किसका हित जनहित है? देश पर जो संकट बताया जा रहा है, वह इन ग़रीब मज़दूरों से ज़्यादा किसके सिर पर आया है?

आतिशबाजी करके हमारे देश में भारत माता की जय एंव 

देश, भारत माता और राष्ट्र जैसे शब्दों का अमूर्त इस्तेमाल हर सरकार अपनी सुविधा से करती रही है, देश कभी ज़मीन है, देश कभी सरकार है, देश कभी विदेश में बन रही अच्छी या बुरी छवि है, देश कभी पड़ोसी के साथ लड़ाई के करीब है, देश कभी मंदी की चपेट में है, देश कभी विकास कर रहा है, देश में बहुत कुछ हो रहा है....

लेकिन इन सब वाक्यों में लोग कहाँ हैं, और उनका हित क्या है? जनहित के इस सवाल को ग़ैर-ज़रूरी और ग़ैर-वाजिब बना देना सबसे बड़ी गेरजिम्मेदार भाजपा की राजनीति है, यह हर सियासतदां के बूते की बात नहीं है।ये कोरोना के नाम से राजनीति करके लोगों को भूखे मरने पर मजबूर करना भाजपा की केंद्र एंव राज्य सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि हैं।

राकेश सिंह यादव
प्रदेशसचिव
म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी
भोपाल


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