कोरोना महामारी और सरकार का सच.... शिव सिंह

 मीडिया एवं देशवासी भारत को विश्व एवं गृह युद्ध से बचाएं 

कलयुग की कलम 

मध्य प्रदेश 21 अप्रैल 2020 ...कोरोना महामारी के चलते जहां पूरी दुनिया इस महामारी से पीड़ित है ऐसे में भारत में इस महामारी के प्रकोप को देखा जाए तो इसका जन्म ही सरकार की गलतियों का खामियाजा है जिसके चलते आज पूरा देश घरों में कैद है गरीब मजदूर मध्यमवर्गीय परिवार रोटी के अभाव में दम तोड़ रहे हैं जिसका सरकार के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है आइए देश में फैली इस महामारी की तह की ओर चलते हैं केंद्र सरकार ने एक जवाब में सुप्रीम कोर्ट मैं कहा कि देश में 5 जनवरी को कोरोना का एक मामला आया था तो हमने 17 जनवरी से ही कोरोना महामारी से लड़ने तैयारी शुरू कर दी थी लेकिन इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट में दिनांक 26 जनवरी को एक नोटिस चस्पा की गई जिसमें लिखा गया था कि जो नागरिक कोरोना पीड़ित देशों से आएंगे उनकी कोरेंटिन जांच अनिवार्य होगी इसके बाद कनिका कपूर भारत आती है उत्तर प्रदेश  पुलिस के एफ आई आर मैं यह जिक्र है कि उन्हें जांच हेतु कहा गया था लेकिन जांच नहीं कराई गई थी इसके बाद 24 एवं 25 फरवरी को देश के अंदर लाखों की भीड़ में नमस्ते ट्रंप का आयोजन हुआ उसमें विदेशों से आए किसी भी मेहमान की जांच नहीं हुई इसी दौरान तमाम नागरिक विदेशों से आए उनकी भी जांच नहीं हुई फिर 16 एवं 17 मार्च को कोरोना महामारी के चलते मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ने सदन का सत्र स्थगित कर दिया तब भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि तत्काल सत्र बुलाइए तब तक सदन से जुड़े कई लोग कोरोना ग्रस्त हो चुके थे तब बीजेपी सदन की बैठक ना बुलाए जाने के चलते सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई माननीय सुप्रीम कोर्ट में स्पीकर  द्वारा जो जवाब दिया गया उसमें  कोरोना फैलने की गंभीर  आशंका व्यक्त की गई थी लेकिन माननीय सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर के जवाब को गंभीरता से  न लेकर कमलनाथ सरकार को बहुमत परीक्षण के लिए आदेशित किया सीएम कमलनाथ के इस्तीफे के बाद जब समूचा भोपाल सहित मध्य प्रदेश लॉक डाउन था तथा 144 धारा लगा दी गई थी उसी समय शिवराज सिंह ने हजारों की भीड़ में सीएम पद की शपथ लिया जबकि मैंने शपथ ग्रहण के पूर्व ही राज्यपाल से मांग किया था कि प्रदेश के सभी विधायक  कई हफ्तों से दूसरे राज्यों में रुके  हवाई यात्रा किए इनकी कोरोना जांच कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक करें तब तक शपथ ग्रहण का कार्यक्रम रोक दें लेकिन सत्ता के नशे ने आज भोपाल इंदौर सहित मध्य प्रदेश को कोरोना से ग्रसित कर दिया तमाम लोग आइसोलेट है इसी दौरान 13 मार्च को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान जारी किया कि बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है उसी समय पूरे देश से यह खबरें आने लगी कि इस महामारी से निपटने देश के अंदर मास्क एवं अन्य उपकरण तक नहीं है नतीजा यह हुआ कि दिल्ली हिंदू राव हॉस्पिटल के चार डॉक्टरों ने स्वास्थ्य उपकरण के अभाव में इस्तीफा दे दिया और कहा कि बिना उपकरण के हम मरीजों का इलाज कैसे करेंगे ऐसे हालातों में भी सरकार कुछ बोल रही थी जमीन पर कुछ और हो रहा था सरकार की नाकामियों के चलते देश का चिकित्सक स्वास्थ्य कर्मी पुलिसकर्मी सकते में है अन्य मरीजों के साथ साथ कई देश के बड़े चिकित्सक एवं पुलिस के आला अधिकारी इस महामारी से मौत का शिकार हो गए जिससे देश बेहद दुखी है इंदौर में डॉक्टरों को दौड़ा-दौड़ा कर मारा गया सोलापुर में रथ निकालते समय पुलिस पर पथराव हुआ दिनांक 13 एवं 14   तथा 15 मार्च को जब देश में  कोरोना की आहट हो गई थी तब गृहमंत्री के अधीन दिल्ली पुलिस ने तबलीगी जमात के लोगों को मीटिंग करने अनुमति कैसे दे दी एयरपोर्ट में उनकी जांच क्यों नहीं कराई गई इसके बाद तबलीगी जमातियों ने चिकित्सकों के साथ जो दुर्व्यवहार व  घृणित कार्य किए गंभीर अपराध है तथा बेहद निंदनीय है इसी घटना से देश के कुछ चैनलों ने कोरोना से जहां हम लड़ रहे थे उसे हिंदू मुस्लिम में बदल कर रख दिया इसी  समय पंजाब में हजारों लोग आए लेकिन उनकी भी कोई जांच नहीं हुई सच तो यह है कि देश की बदहाल कमजोर चिकित्सा व्यवस्था के चलते आपने पूरा देश लॉकडाउन कर दिया नतीजा यह हुआ कि अमीरों के द्वारा लाए गए कोरोना से देश के गरीब मजदूर बेसहारा पीड़ितों को रोटी के बदले  लाठियां दी गई  तथा  मजदूर पैदल सड़कों पर चल कर दम तोड़ दिए अमीरों के लिए बस चलाई जा रही हैं सैकड़ों मजदूरों को जहरीले केमिकल से नहलाया गया इसके बाद देश के नाम संदेश पर ताली थाली घंटी बजाने दीपक टॉर्च मोमबत्ती मोबाइल  जलाने का फरमान जारी किया गया जिस पर प्रशासन की उपस्थित में कई शहरों में दौरान लॉकडाउन सरकार के ही लोगों ने हजारों की रैलियां निकाल ताली घंटी के साथ संख् नगाड़े भी बजा डालें इसके बाद भी महामारी का प्रकोप कम नहीं हुआ फिर आप का संदेश आया कि अब दीपक टॉर्च मोबाइल फ्लैश लाइट जलाना है तब आपके ही लोगों ने दीपक और टॉर्च की जगह पटाखे फोड़े मशाल जलाकर रैलियां निकाला उसी समय उत्तर प्रदेश की महिला भाजपा नेत्री ने रिवाल्वर से फायरिंग तक कर डाला लेकिन एफ आई आर तक नहीं हुई लोग आश्चर्यचकित हैं कि आप किस जीत का जश्न मना रहे थे उत्तर प्रदेश में जमातियों ने महिला चिकित्सकों के साथ अभद्र व्यवहार किया जो बेहद निंदनीय है उत्तर प्रदेश के कन्नौज भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने तहसीलदार अरविंद कुमार से अपने घर खाने के पैकेट मंगवाए ना पहुंचाएं जाने पर उनके साथ गंभीर मारपीट की  तथा जिस अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को आपने सोने की थाली में खाना खिलाया पलके बिछाए अरबों रुपए खर्च किए वहीं आज देश को खुली चुनौती दे डाला आपने एक शब्द जवाब तक नहीं दिया आज इंदिरा जी अटल जी होते तो ट्रंप की औकात नहीं थी कि इस तरह धमका कर चला  जाता ऐसे में सरकार का जो रवैया नजर आया  लगता है कि कोई डरा कर देश मांग लेगा तो आप  देश सौप देंगे आज जब महामारी देश के अंदर बढ़ती जा रही हैं तब आप देश के पूर्व राष्ट्रपतियों पूर्व प्रधान मंत्रियों मुख्यमंत्रियों से राय मांग रहे हैं इसके पहले आपने उनसे पूछा तक नहीं ऐसा इतिहास में कभी नहीं हुआ आज आपदा के नाम पर देश का खजाना भर लिया गया तथा  पीएम कोष  के अलावा पार्टी के नेताओं के नाम दूसरा  संयुक्त खाता खोलकर पार्टी के खजाने को भी भर लिया गया लेकिन 42 फ़ीसदी गरीब बेसहारा मजदूरों  मध्यमवर्गीय परिवारों के पास  खाने का राशन तक नहीं है आज स्वयंसेवी संगठन शासकीय कर्मचारियों तक को खाना खिला रहे चिकित्सक उपकरण मांगते हैं तो उन्हें नौकरी से निकाल देने की धमकी दी जा रही है इस महामारी में  डब्ल्यूएचओ  विदेशी राजदूत  एवं सरकार के क्रियाकलाप संदिग्ध नजर आ रहे हैं जहां सरकार को  लॉकडाउन के पूर्व देश की करेंसी को  एवं विदेशों से आने वाले  लोगों  की करेंसी को  सेनीटाइज कराना था ऐसा ना कराने से कोरोना मरीजों की  संख्या में इजाफा हुआ विदेशों से महामारी के नाम पर एक अरब डालर का कर्ज भी लिया गया लेकिन  महामारी के इलाज के लिए  आज तक  उच्च स्तरीय रणनीति  तैयार नहीं की गई  सिर्फ लॉकडाउन को  बीमारी से लड़ने का  एक हथियार मान लिया गया और चार बार  हमारे देश के प्रधानमंत्री जनता के नाम संदेश लेकर  पर्दे में आए और यह  कहकर चले गए कि आप अपने- अपने घरों में रहे  आसपास के लोग एक दूसरे की  खाने-पीने की मदद करें  यही एक बीमारी का इलाज है लेकिन उन्होंने  यह नहीं बताया  कि हमने  इस महामारी से लड़ने के लिए  स्वास्थ्य क्षेत्र में  क्या-क्या व्यवस्थाएं किया कितना रुपया खर्च किए हैं और देश के  गरीब पीड़ित मजदूर मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए  क्या इंतजाम किए हैं ऐसी किसी भी बात का जिक्र  साहब के संदेशों में नहीं किया गया साहब 26 अप्रैल को फिर से मन की बात करने आ रहे हैं  लेकिन  देशवासियों का यह कहना है कि साहब काम की बात करिए और यदि काम की बात नहीं करना है तो अपने मन की बात अपने मन में ही करिए आज मात्र सरकार के लोगों के पास एक काम बचा है इस महामारी में भी 24 घंटे हिंदू मुस्लिम की राजनीति लेकिन मैं बता दूं जो लोग  इस महामारी मे घटनाएं कर रहे हैं व करा रहे हैं देश के सगे नहीं हैं  अपराधियों का कोई मजहब नहीं होता जो भी ऐसा कर रहे हैं जाहिल लोग हैं चाहे किसी भी धर्म के क्यों ना हो मेरी देशवासियों से गुजारिश है देश को धर्म के नाम पर मत बांटे आप  लॉकडाउन का पालन कर सुरक्षित रह कर अपने आप को बचाने का काम करें इसके अलावा सरकार के पास कोई इंतजाम नहीं है आज देश के अंदर कुछ ऐसे मीडिया चैनल हैं यदि देशवासी उन चैनलों को देखना बंद कर दे तो महामारी के साथ-साथ देश को टूटने से बचाया जा सकता है क्योंकि देश काफी पीछे हो गया है विश्व एवं गृह युद्ध जैसे हालात निर्मित हो रहे हैं इसलिए देशवासियों एवं मीडिया से  मेरी अपील है कि धैर्य से काम ले देश को टूटने से बचाए  l 

                   
                 शिव सिंह एडवोकेट
 प्रदेश अध्यक्ष जनता दल सेकुलर मध्य प्रदेश
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