प्रधानमंत्री जी भूख से तड़प रहे गरीब के घर कैसे जलेगा दीपक.. शिव सिंह

कलयुग की कलम 

  शिव सिंह ने कोरोना मृतकों के प्रति  व्यक्त की संवेदना

 3 अप्रैल 2020.. जनता दल सेक्युलर के  प्रदेश अध्यक्ष  शिव सिंह एडवोकेट ने कोरोना वायरस त्रासदी के प्रकोप के चलते  देश में जिन नागरिकों की मृत्यु हुई है उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त  किया है तथा जो नागरिक कोरोना वायरस से हॉस्पिटलों में इलाज ले रहे हैं उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हुए उक्त महामारी मैं जो चिकित्सक एवं अन्य  अधिकारी कर्मचारी पुलिस प्रशासन पत्रकार बंधु समाज सेवी संगठन अपनी सेवाएं दे रहे हैं उनके  स्वस्थ प्रसन्न रहने की भी प्रार्थना की है  श्री सिंह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी  कोरोना महामारी के चलते आपके निर्देशानुसार समूचा देश विगत 9 दिन से लॉक डाउन  का पालन कर रहा है और आगे भी करेगा आज मैंने व देश के नागरिकों ने टीवी चैनलों के माध्यम से आपका देश के नाम संदेश सुना प्रधानमंत्री जी संदेश सुनते ही पूरा देश सकते में रह गया कि अब क्या होने वाला है देश का गरीब मजदूर किसान बेरोजगार लाचार छोटे व्यवसाई व अन्य जिनकी आर्थिक कमर  इस महामारी के चलते  टूट चुकी है  वह अपने मुखिया से यह आस लगाए बैठे थे कि आज जीवन जीने के लिए कोई ना कोई व्यवस्था की घोषणा प्रधानमंत्री जी करेंगे आज ऐसे 30 फ़ीसदी लोग देश के अंदर रह रहे हैं जिनके घरों में बिजली नहीं है पानी नहीं है सड़क नहीं है उनमें बहुत ऐसे गरीब है जिनके रहने के लिए घर नहीं है यदि घर है तो दरवाजा नहीं है झोपड़ियों में रह रहे हैं पन्नी तान कर रह रहे हैं फुटपाथ पर सो रहे है तथा जो रोज कमाते हैं तब खाते हैं मतलब रोज कुआं खोदना और रोज पानी पीना ऐसे भी लोग इस भारत में बहुतायत की संख्या में है यह वही लोग हैं जो ट्रंप के आने पर पक्की दीवाल बनाकर छिपा दिए गए थे आज वह बिना रोटी के भूख से तड़प तड़प कर दम तोड़ रहे हैं लेकिन उनके आंकड़े देश के पास नहीं है ऐसे लोगों का कहना है कि रोटी तो है ही नहीं तो दीपक की जगह अपना घर जला दें कि अपने आप को जला दें  जिससे सरकार के आदेश का पालन हो सके जरा सोचिए प्रधानमंत्री जी कि जिनके पास खाने के लिए रोटी नहीं है वह दीपक कैसे  जलाएंगे आज देश के अंदर स्वयंसेवी संगठन समाज सेवी संगठन यदि ना होते तो लाखों लोग भूख से मर गए होते आपकी सरकार ने तो 10 फ़ीसदी  भी राहत नहीं पहुंचा सकी आज देश के जो हालात हैं उससे ज्यादा सुरक्षित लोग जेलों में महसूस कर रहे हैं क्योंकि रोटी और सहायता मांगने पर गरीब को लाठियां मिल रही हैं उसे जहरीले केमिकल से  नहलाया जा रहा है प्रधानमंत्री जी  आपके संदेश से यह सवाल भी उठ रहा है कि जब समूचे देश में कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते मंदिर मस्जिद गिरजाघर गुरुद्वारा व अन्य धार्मिक  संस्थाओं में ताले लगा दिए गए हो  तो किस धर्म शास्त्र में ऐसा लिखा है कि कोरोना महामारी दीपक  जलाने से भाग जाएगी इसका भी स्पष्टीकरण देश के सामने  करना चाहिए आज तो आपके सरकार के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन जी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जनवरी के अंतिम मैं ही भारत में एक कोरोना मरीज की पुष्टि हो चुकी थी तो फिर विदेशों से 6 हजार नागरिकों को बुलाने पर  रोक लगा  देना चाहिए था तब तो आपके सिर्फ एक आदेश की जरूरत थी लेकिन प्रधानमंत्री जी आज देश का अधिकतर नागरिक गरीब पीड़ित आर्थिक तंगी भूख से तड़प रहा है तो उसे यह भी  सवाल पूछने का अधिकार है कि आपके प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में अरबों खरबों रुपया आ चुका है उसका उपयोग कहां किया गया किस जरूरतमंद को दिया गया गंभीर सवाल पैदा होता क्योंकि चिकित्सकों से लेकर जो भी शासकीय अमला व्यवस्था में लगा हुआ उसके लिए तक आपके पास मास्क एवं सैनिटाइजर व अन्य उपकरण नहीं है  सूत्रों के मुताबिक आज ही  स्वास्थ्य सुरक्षा उपकरण ना मिलने के कारण दिल्ली हिंदू राव हॉस्पिटल के चार डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया जो गंभीर विषय है l

        प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में किसने कितना दिया:-

1 अजीम प्रेमजी 50 हजार करोड़

2 रतन टाटा 1500 करोड़

3 रिलायंस इंडस्ट्री 500 करोड़ 

4 गैस कारपोरेशन 300 करोड़

5 इंडियन रेलवे 151 करोड़

6  विदेशी सहायता 18 हजार करोड़

7 विश्व बैंक से 76 अरब रुपए

8 महिंद्रा बैंक 135 करोड़

9 आईटीसी एलटीडी 150 करोड़

10 सन फार्मा 30 करोड़ दवा सैनिटाइजर

11 अक्षय कुमार 25 करोड़

12 अनिल अग्रवाल 100 करोड़

13 पंकज मुंजाल 100 करोड़

14 बजाज ग्रुप 100 करोड़

15 जेएसडब्ल्यू ग्रुप 100 करोड़

16 वेदांता 100 करोड़

17 अदानी ग्रुप 100 करोड़

18 सेंट्रल आर्म्ड पुलिस 116 करोड़

19 भूषण कुमार 11 करोड़

20 मुकेश अंबानी 5 करोड़

21 विजय शेखर 5 करोड़

22 प्रभास अभिनेता 4 करोड़

23 बीसीसीआई 51 करोड़? 

24 सीआरपीएफ 34 करोड़

25 महेश बाबू एक करोड़

26 पवन कल्याण दो करोड़

27 रजनीकांत 50 लाख

28 क्रिकेटर गांगुली 50 लाख

29 क्रिकेटर सुरेश रैना 52 लाख

30 क्रिकेटर तेंदुलकर 50  लाख

31 रामचरण 70 लाख 

नोट :- इसमें सांसद विधायक उद्योगपति व्यापारी सामाजिक संगठनों आम नागरिकों राजनैतिक दलों एवं अन्य गुप्त दान करने वालों की  राशि लगभग अरबों खरबों रुपए होगी  जिसका उल्लेख नहीं किया गया है   l

                 
             शिव सिंह एडवोकेट
 प्रदेश अध्यक्ष जनता दल सेक्यूलर मध्य प्रदेश
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