सीएमएचओ, सिविल सर्जन को भी विशेष अधिकार

कलयुग की कलम ग्रामीण रिपोर्टर कटनी 

कोरोना वायरस के देश में फैलने से उत्पन्न स्थितियों से निपटने मध्यप्रदेश पब्लिक हैल्थ एक्ट 1949 की धारा 51 के तहत कोरोना को अधिसूचित संक्रामक रोग अधिसूचित किया गया है। इस अधिसूचना के अन्तर्गत जिला मजिस्ट्रेट के साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा समस्त सिविल सर्जन, मुख्य अस्पताल अधीक्षकों को प्राधिकृत अधिकारी घोषित कर व्यापक अधिकार दिये गये हैं। इन प्राधिकृत अधिकारियों को कोरोना के संदर्भ में किसी भी व्यक्ति को कोरोन्टाईन में रखना, परीक्षण के लिये उसके सैम्पल लेना, संदिग्ध मरीज की गतिविधि विनियमित करने और सार्वजनिक प्रतिष्ठान को बंद करने इत्यादि विभिन्न प्रकार की कार्यवाहियों को करने के अधिकार प्राप्त हैं। मध्यप्रदेश पब्लिक हैल्थ एक्ट 1949 के प्रावधानों के अनुसार जनसाधारण के स्वास्थ्य तथा उनके संबंध में अनिवार्य रुप से कार्यवाही करने के प्रावधान हैं। अगर कोई व्यक्ति इन प्रावधानों का उल्लंघन करता है, तो उसके विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करने के अधिकार कार्यपालिक अथॉरिटी, जिला मजिस्ट्रेट को प्रदत्त किये गये हैं। इसी प्रकार द मध्यप्रदेश एपीडेमिक डिसीज कोविड-19 के अन्तर्गत भी संक्रमण की स्थिति में आवश्यकता अनुसार कार्यवाही करने के अधिकार प्रदत्त किये गये हैं।

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