कोरोना वायरस के संक्रमण के संबंध में निर्धारित मापदण्ड अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करायें-कमिश्नर डॉ. अशोक भार्गव

अविनाश शर्मा (संभागीय ब्यूरो)
शहडोल मध्य प्रदेश
6261959407

शहडोल 05 अप्रैल 2020- मध्यप्रदेश शासन के स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड डिसीज के संक्रमण के संबंध में निर्धारित मापदण्ड के आधार पर जिलों के अन्तर्गत क्षेत्रों में कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश प्रसारित किये गये हैं। रीवा एवं शहडोल संभाग के कमिश्नर डॉ. अशोक कुमार भार्गव ने संभागान्तर्गत जिलों के कलेक्टर्स, आयुक्त नगर निगम तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिले का प्रत्येक दिन रिस्क एसेसमेन्ट की प्रोफाइलिंग की जाए तथा हाई रिस्क एरिया हेतु इन्टीग्रेटेड एक्शन प्लान, कंटेन्मेंट एवं चिकित्सकीय सुविधा की कार्यवाही करायी जाए जिससे संसाधनों का समुचित उपयोग हो सके और वैल्यूएबल ग्रुप जिनमें संक्रमण की संभावनाएं अधिक हों उनका समय पर सर्विलांस टीम द्वारा फालोअप किया जा सके।

निर्देश में हाईरिस्क एरिया में जो व्यक्ति मार्च 2020 के माह में विदेश से लौटे हों, प्रवासी श्रमिक जो मार्च 2020 के माह में गांव या शहर आये हों, व्यक्ति द्वारा पर्यटन स्थल पर रेल, रोड या हवाई जहाज से यात्रा की गई हो, किसी दूसरे राज्य से आये हों या अपने ही राज्य के शहरध्गांव में संक्रमित शहर से आये हों तथा कंटेन्मेंट एरिया में पॉजिटिव प्रकरण निकले या उस क्षेत्र के बफरजोन के आधार पर अधिक जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्र जहां क्वारेंटाइन परिवार व व्यक्तियों की संख्या ज्यादा हो या अन्य स्थानीय कारण जिससे संक्रमण के फैलने का खतरा हो शामिल किया गया है। संक्रमित व्यक्ति के सीधे सम्पर्क में आने वाले व्यक्ति रक्तचाप, डायबिटीज, कैंसर के रोगी, 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, पांच वर्ष से कम आयु के बच्चे व गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य के हाई रिस्क क्षेत्र में आयेंगे। कमिश्नर ने निर्देश दिये हैं कि उच्च एवं मध्यम जोखिम वाले क्षेत्र, रैपिड रिस्पांस टीम व सबरेपिड रिस्पांस टीम, मोबाइल मेडिकल यूनिट व सर्विलांस हेतु मोबाइल यूनिट को गतिशील करते हुए संक्रमण को रोकने की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। कम जोखिम वाले क्षेत्र अन्तर्गत प्रोटोकाल के अनुसार नियत 14 दिन में की गई यात्रा विवरण, समुदाय में लोगों का सर्विलांस तथा कान्टेक्ट प्लेसिंग करते हुए को-मार्विड एवं क्लीनिकल ब्लस्टरिंग सुनिश्चित किया जाये।

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