दीपक जलाने से अच्छा गरीब का चूल्हा  जलवाए .... शिव सिंह

कलयुग की कलम 

 5 अप्रैल 2020... जनता दल सेक्युलर के प्रदेशाध्यक्ष शिव सिंह एडवोकेट ने देश के मुखिया द्वारा आज दीपक जलाने के आवाहन पर कहा कि देशवासियों को एक बात समझ में नहीं  आ रही कि घरों की लाइट बंद कर टॉर्च और मोबाइल की फ्लैश लाइट  9:00 बजे 9 मिनट के लिए जलाएं साहब  ने यह नहीं बताया कि इन दोनों  लाइटों का क्या  लॉजिक है दोनों के प्रकाश में क्या अंतर है और दोनों का क्या वैज्ञानिक महत्व है समझ से परे है रहा सवाल दीपक का तो उसका वैज्ञानिक महत्व है लेकिन जब साहब ने दीपक के साथ टॉर्च एवं मोबाइल के फ्लैशलाइट की बात  किया तब मामला सीधा इस ओर घूम गया जानिए असलियत

जनसंघ का चुनाव चिन्ह 'दीपक' था। उसने आरएसएस की राजनीति का दिया जलाया। फिर 5 अप्रैल 1980 को जनसंघ का नया नामकरण भारतीय जनता पार्टी किया गया और अगले दिन अर्थात 6 अप्रैल 1980 को नयी पार्टी भाजपा का ऐलान किया गया। आरएसएस मानता है कि जनसंघ के 'दीपक' से ही भाजपा का 'कमल' खिला है। ऐसे में

इस साल 6 अप्रैल को भाजपा की स्थापना का चालीसवाँ स्थापना दिवस पड़ रहा है। इसलिए भाजपा के स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर वह 5अप्रैल को देशभर के लोगों से 'दीपक' जलवा रही ताकि जनसंघ की स्मृतियों और भाजपा के उदय के जश्न को ऐतिहासिक  बनाए जाने यह रणनीति बनाई गई

कोरोना तो एक बहाना है, भला कोरोना का दीपक, मोमबत्ती और टार्च से क्या लेना देना? कोरोना से निपटने के लिये चिकित्सा उपकरणों और सुविधाओं की जरूरत है कि दीपक, मोमबत्ती या टार्च की ?आइए भुखमरी के शिकार गरीबों मजलूमों की मदद कीजिए। टॉर्च मोबाइल की फ्लैश लाइट मोमबत्ती दीपक जलाने से अच्छा किसी गरीब का चूल्हा जलवाए जाने मैं सहयोग प्रदान करें    l

                         
               शिव सिंह एडवोकेट
Share To:

Post A Comment: