पीएम और सीएम पत्रकारोंकी सुने पुकार, कोरोना से जंग लड़ रहे पत्रकरों को मानदेय दे सरकार

पत्रकार अपने दायित्वों का कर रहा निर्वाहन तो सरकार भी निभाये अपनी जिम्मेदारी- शील गहलौत

अखण्ड पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन उ0प्र0 ‘‘ए.एल.-40111’’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दैनिक सावन साहिल समाचार पत्र के प्रधान सम्पादक शील गहलौत ने देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मा0 आदित्यनाथ योगी जी के साथ देश के अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्री से संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शील गहलौत ने सवाल करते हुये कहा कि जब पत्रकार अपने दायित्वों का निर्वाहन, मेहनत, लगन, जिम्मेदारी व ईमानदारी से कर रहा है तो केन्द्र व प्रदेश की सरकार इनसे सौतेला व्यवहार क्यों कर रही है? विदित हो कि कोरोना योद्धाओं में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सों, हेल्थ वर्करों, सफाई कर्मियों व पुलिस कर्मचारियों के कल्याण व सुरक्षा की बहुत बात होती है। लेकिन इस महामारी से पूरे देश-दुनिया को जगाने वाले वीर जांबाज पत्रकारों की चर्चा महज जुबानी भर है। आज तक किसी सरकार, राजनैतिक पार्टी, स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं या उद्योगपतियों ने भी पत्रकारों के त्याग, समर्पण व बेहतर जिम्मेदारी के निर्वाहन एवं उनके हितार्थ किसी ने आवाज नही उठाई है। कोरोना वल्र्डवार की पल-पल की खबरें, अपडेट देने में सबसे आगे बड़े शहरों के पत्रकारों के साथ छोटे शहरों एवं ग्रामीणांचल के पत्रकार भी अपनी जान जोखिम में डालते आ रहे हैं। चर्चित बैनर के कतिपय चुनिन्दा पत्रकारो को छोड़कार लगभग अस्सी फीसदी पत्रकार अवैतनिक जनसेवा के रूप में अपने जान की बाजी लगाकर देश-प्रदेश की जनता का पल पल खबरें पहचा रहे है। पर इनकी अन्तर्रात्मा आहत है। लोगों के लिये प्यारी मुस्कान बनने वाले पत्रकार अपने व अपने परिवार को दो जून की इज्जत की रोटी न दे पाने को लेकर असहज है। राष्ट्रीय अध्यक्ष शील गहलौत ने आगे दुख ज्ञापित करते हुये कहा कि इस वैश्विक महामारी कोरोना को लेकर जहां देश के लोग पीड़ित है वही देश के पत्रकार भी अपने जिम्मेदारियों का निर्वाहन करने के साथ अपनी सुऱक्षा व परिवार का पेट भरने के लिये परेशान है। सरकार गरीबों, मजदूरों के लिये खाते में रकम भेज दी। राशन की दुकानों से फ्री खाद्य सामग्री देने के लिये कोटेदारों को व्यवस्था दे दी मगर अफसोस पल- पल की खबरो जन- जन तक पहुंचाने वाले पत्रकार सरकार के द्वारा किसी भी सुविधाओं से अछूते है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने माननीय प्रधानमंत्री जी, केंद्रीय गृहमंत्री एवं राज्यों के सभी माननीय मुख्यमंत्रियों से माँग करते हुये कहा कि तत्काल पत्रकारों की सुध लें। अपने विशेषाधिकार से आपदा फंड के तहत फौरी तौर पर देश के सभी सक्रिय पत्रकारों को कम से कम बारह हजार रूपये मात्र प्रति माह के हिसाब से अतिशीघ्र पत्रकारों के खाते में पैसे डलवान की व्यवस्था सुनिश्चित करवायें साथ ही इनके परिवार को तीन महीने का राशन की भी व्यवस्था कराने के साथ ही फील्ड ड्यूटी हेतु सुरक्षा किट उपलब्ध कराने के साथ ही इनका भी रैपिड टेस्ट करवाने की मांग करता है।

अखण्ड पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन यानि अपवा की प्रदेश अध्यक्ष डा0 सुश्री ममता सिंह चैहान (कानपुर) ने अपनी वेदना जताते हुये कहा कि देश- दुनिया को अपनी जान की बाजी लगाकर खबरों से रोशन करने वाले हमारे पत्रकार बंधु स्वयं चिराग तले अंधेरे में जी रहे है। ग्रामीण अंचल से लेकर जिले, प्रदेश व देश का पत्रकार 16 से 20 घंटे तक अपनी ड्यूटी दे रहा है। वह और उसका परिवार भी कोरोना की चपेट में आ रहा है। पत्रकारों का परिवार भी भुखमरी का शिकार हो रहा है लेकिन न तो केंद्र सरकार और न ही किसी प्रदेेश की सरकार ने जीवन और मौत से संघर्ष करते देश- प्रदेश के पत्रकारों की अनदेखी करती आ रही है। पर सरकार इन पत्रकारों को लेकर संवेदनही बनी हुई। पत्रकारों के इस पंजीकृत संगठन अखण्ड पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन उ0प्र0 की राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीमती रूचि दीक्षित ने कहा कि आज यह अपवा संगठन उत्तर प्रदेश के साथ ही उत्तराखण्ड, मध्यप्रदेश, बिहार, झारखण्ड, छत्तीसगढ, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, जम्मू और कश्मीर और देश की राजधानी दिल्ली तक पत्रकारो के हक एवं अधिकार की लडाई को लेकर आन्दोलनरत है। उत्तर प्रदेश के सोसल आईटी प्रभारी हाफिज मो0 नसीम ने सभी पत्रकारों का आहवान किया है कि यह समस्या पत्रकारों की राष्ट्रीय समस्या है। इस समस्या से कोई भी पत्रकार अछूता नही है। इसलिये अपवा संगठन के माध्यम से सभी पत्रकारों के संगठनों एवं पत्रकार बन्धुओ से इस समस्या के निस्तारण होने तक अपनी आवाज को बुलंद करते रहे। देखना एक दिन वह जरूर आयेगा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री एवं उत्तर प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्री हम पत्रकारों की समस्या को गम्भीरता से लेगे और हम सबकी समस्याओ का समाधान होगा। हम पत्रकारों के चेहरे पर वास्तविक मुस्कान जरूर पूरे जहां को जरूर देखने को मिलेगी।     फोटो-1- शील गहलौत, 2- डा0 ममता चौहान, 3- श्रीमती रूचि दीक्षित, 4- रूचि दीक्षित, 5- संगठन लोगो।





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