वैश्विक महामारी कोरोना कोविड-19 से आज पूरा विश्व परेशान है । हमारे भारत में अभी कोरोना के केस दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं । 

 कलयुग की कलम   

 जिसे देख कर सभी भयभीत चिंतित है । हमारे भारत देश ने आजादी के बाद से हर क्षेत्रों में तरक्की की है जैसे सड़कों का जाल बिछाना हो, रेलवे इन्फ्राट्रक्चर हो,  मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर हो,  टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हो आदि सभी क्षेत्रों में  विकास देखा गया है लेकिन जब से कोरोना संक्रमण हमारे भारत में फैला है । उसके बाद से मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने की जरूरत सभी ने महसूस की है ।  अन्य सभी क्षेत्रों में बहुत अच्छा काम किया गया है लेकिन कोरोना वायरस के कारण  ट्रेनों के पहिए थम गए हैं हवाई यात्राएं बंद हो गई है  पूरा भारत लॉक डाउन है पर फिर भी अस्पतालों में  मरीजों की लाइन लगी है । सरकार से लेकर आम जनमानस ने  महसूस किया है  की  मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर  और मजबूत किया जाना चाहिए  क्योंकि जान है तो जहान है । आज जब पूरा विश्व कोरोना के संक्रमण से भयभीत है परेशान है। ऐसी परिस्थिति में सभी को लगता है कि मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर और ध्यान देने की जरूरत है । सरकार का बहुत बड़ा फण्ड मेडिकल के क्षेत्र में लग रहा है और भविष्य में भी लगेगा । मेडिकल बजट कई प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है और हजारों करोड़ केंद्र सरकार के द्वारा  मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए दिया गया है यह जरूरी भी है   मेडिकल क्षेत्र के अलावा भी सभी क्षेत्र जरूरी है लेकिन कटु सत्य यह भी है कि जान है तो जहान है । कोरोना वायरस को देखते हुए मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जाना अति आवश्यक हो गया है । छत्तीसगढ़ में विशेषकर कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में केंद्रीय चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं कई प्राइवेट नर्सिंग हॉस्पिटल उपलब्ध है । जल्द ही केंद्रीय चिकित्सालय में ब्लड बैंक भी शुरू होने वाला है।  जिससे आपात काल में बहुत सी जाने बचाई जा सकती हैं परंतु खनिजों से भरा कोरिया जिला जहां प्रतिदिन हजारों टन खनिज कोयले के रूप में पूरे भारत के बड़े बड़े उद्योगों को ईंधन के रूप में दिया जा रहा है । एसईसीएल काफी अच्छा कार्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कर रही है परंतु कोल इंडिया के तरफ से सन 2011 में मनेंद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई थी जो कि अभी तक कागजों में सीमित है। कोरोना वैश्विक महामारी को देखते हुए मनेंद्रगढ़ में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए घोषित मेडिकल कॉलेज का कार्य तत्काल प्रारंभ करने की जरूरत है ।  हमें यकीन ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि हमारे क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधि  इस ओर ध्यान देंगे और जल्द ही 10वर्षो से  घोषित मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज को धरातल में लाएंगे यही उनसे अपेक्षाएं और आशाएं हैं ।  क्षेत्र की जनता को भी अब 10 वर्षों से स्वीकृत मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज  के लिए एक स्वर में आवाज उठाने की आवश्यकता है| मैं सभी राजनीतिक पार्टियों से भी अनुरोध करता हूं कि वैश्विक महामारी कोरोना कोविड-19 को देखते हुए और क्षेत्र के विकास के लिए राजनीति से ऊपर उठकर  सभी एक स्वर में मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज  को जल्द ही धरातल में उतारने में अपना बहुमूल्य सहयोग दें ।

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