अब्दुल कादिर खान ने मैसेज कर जानकारी दी और कहा आप सब की दुआओं का  मुंतज़िर हुं।  आप सब की दुआ और आशीर्वाद से जीवन के हर पड़ाव से गुजर जाता हूं कभी चुनौतियों से तो कभी सहूलियत से बहरहाल जीवन तो एक संघर्ष ही है । कब पैदा हुए पता है । कब जाएंगे कुछ पता नहीं आप सब की दुआओं आशीर्वादों में मेरी हिस्सेदारी सदा बनी रहें यही आशा और उम्मीद है। अब्दुल कादिर खान समाजसेवी, राजनीतिक, और समाजिक कार्यकर्ता, की भूमिका में रहते हैं वर्ष 2011 में राजीव गांधी जलग्रहण मिशन मैं पहली बार अध्यक्ष बनाए गए, वहीं से ही राजनीतिक कार्यक्रमों में जाना प्रारंभ किया ग्रामीण परिवेश में रहना 4 जिले के अंतिम छोर में बसी एक छोटी सी बस्ती उमरपानी में जन्में अब्दुल कादिर खान को अपने गांव का पिछड़ा होना बहुत खलता था ना रोड ना बिजली और अन्य समस्याएं को देखते हुए पहली बार 2010 मैं भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की और मंडल अध्यक्ष अल्पसंख्यक मोर्चा बने इसके साथ ही सक्रिय भूमिका से आगे बढ़ते रहे नौजवानों को जोड़ने के लिए क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन गरीबों को प्रोत्साहित करना और आदिवासी समुदाय के बीच रह उन्हें जागरूक कर अपने हकों के लिए लड़ना और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देने का कार्य निरंतर किया  है । इसके साथ ही सोशल मीडिया में बेहतरीन पकड़ फेसबुक व्हाट्सएप टि्वटर इंस्टाग्राम यूट्यूब जैसे सोशल प्लेटफार्म में हजारों फॉलोवर्स और चाहने वाले पूर्व राज्य मंत्री मध्यप्रदेश शासन संजय सत्येंद्र पाठक और उनके पुत्र यश पाठक जी के साथ आत्मिक स्नेह और संबंध होने की वजह से जिले के अंतिम छोर में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन होना और यश पाठक का पहुंचना भी एक चर्चा का विषय शुरुआती समय से रहा है।

लेखन कार्य में हर मुद्दे पर निडर होकर लिखना उनकी एक अलग छवि है। क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर शासन प्रशासन से मांगे उठाना ज्वलंत मुद्दों , पर प्रमुखता से लेखन कार्य में भी सफलता हासिल कर लोगों के दिलों में जगह बनाई सभी धर्म समाज के लोगों के बीच में जाना और परेशान हाल लोगों की मदद करना उनकी आदत मैं शुमार है।

कलयुग की कलम परिवार की ओर से जन्मदिन की दिली शुभकामनाएं

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