500 रूपए कमाने वाले शक्स ने 56 हजार रूपए लेने से मना किया

लॉकडाउन के कारण दो महिनें का किराया नहीं वसूला

खरगोन 26 मई 2020/ ऐसे भी बिरले लोग होते है, जो दूसरों की परेशानियों को भी अपनी ही परेशानी मानते है और दूसरों से हमदर्दी रखते है। ऐसा ही एक शक्स साबीर खरगोन के आजाद नगर का है, जो कभी 30 रूपए की सामग्री का भाड़ा बचाने के लिए साईकल से सामान लाया करता था। बड़ी मुसीबतों वाले दिन गुजारे है। आज साबीर वेल्डिंग की दुकान से मात्र 500 रूपए या इससे कम का मुनाफा लेता है। छोटी मोहन टॉकीज क्षेत्र में उनकी 8 दुकानें है, जिनका मासिक किराया 28 हजार रूपए प्रतिमाह होता है। यह सभी दुकानें 2 माह से बंद पड़ी है। किराए देने की चिंता को लेकर जब उनके किरायादार पहुंचे, तो साबीर चिकनीस को उनकी परेशानी अपनी परेशानियां व समस्याएं लगी। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि कोई बात नहीं। सभी का काम बंद रहा। सबकी आर्थिक हालात एक जैसे है। आपसे 2 माह का किराया नहीं लूंगा, आप लोग निश्चित रहें। साबीर ने यह भी कहा कि यदि आगे भी लॉकडाउन जब तक जारी रहेगा, तब तक का कोई किराया नहीं लिया जाएगा। 52 वर्षीय साबीर अपने 4 बच्चों के साथ रहते है और 2 माह का 56 हजार रूपए का किमती किराया लेने से मना कर दिया। सचमुच ऐसे बिरले लोग ही संगठित और मजबुत समाज बनाते है।

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