“शिवराज सरकार ग़रीबों को राशन नहीं शराब पिलायेंगी 

“शराब ख़रीदने का लोन भी दे शिवराज सरकार डबल इनकंम हो जायेगी”

कलयुग की कलम 

म.प्र. कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया की अल्पमत सरकार के कमजोर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शराब की दुकानें खोलने का निर्णय लेकर यह साबित कर दिया हैं की जनता के चूने हुए मुख्यमंत्री एंव मुख्यमंत्री पद पर ख़रीद फ़रोख़्त करके मुख्यमंत्री बनने का किया फ़र्क़ होता हैं।

बिना प्लान का अमानवीय लॉकडाउन के चलते आम गरीब आदमी को भूखे मरना पढ़ रहा हैं ।शिवराज सरकार मुफ्त का राशन वितरण कराने में असफल रही हैं ।वही दूसरी और 42 दिन से ज़्यादा लॉकडाउन को होने के बाद आम आदमी एक रुपया भी नहीं कमा रहा हैं।लेकिन शिवराज सरकार अपने राजस्व हानि 1800 करोड़ को कम करने के लिए शराब की दूकान खोल रहे हैं।किया सिर्फ़ सरकार अपने घाटे की चिंता कर रही हैं वही दूसरी तरफ़ हर आदमी बेरोज़गार होकर घर में बैठा हैं उसके राजस्व की हानि की चिंता नहीं हैं म.प्र.के मुख्यमंत्री को।यह बात सिद्ध करती हैं की सरकार को सिर्फ़ पैसा राजस्व चाहिए चाहे आम आदमी मरे तो मर जाये।दूध ,फल,सब्ज़ी,किराना ,दवाइयाँ मिल नहीं रही हैं।कोरोना इलाज के नाम पर प्रायवेट अस्पताल लाखों रूपयो की लूट मचा रहे हैं।इस लूट में मुख्यमंत्री की मौन सहमति हैं। लेकिन शराब की दूकान खोलने की फ़िक्र कर रहे मुख्यमंत्री गरीब जनता की फ़िक्र कर लेते तो शायद गरीब भूख से तड़पते नहीं रहते।

म.प्र. के मुख्यमंत्री के अविवेक पूर्ण निर्णयों से म.प्र. कोरोना प्रदेश बन गया है लगता है अब मदिरा प्रदेश बनना तय हैं।

शराब दूकान खोलने के साथ ही घरेलू हिंसा में ज़बरदस्त बढ़ावा होगा।आम आदमी को खाने का राशन ख़रीदने के पैसे नहीं हैं तो शराब के लिए पैसे कहॉं से लायेगा।निश्चित ही घर का सामान बेचेगा घर की महिलाओं के ज़ेवर बेचेगा फिर शराब ख़रीद कर सरकार का राजस्व बढ़ायेगा । 

जनता को कोरोना संक्रमण से मौत के मुहँ में धकेलने के बाद अब म.प्र. को मदिरा प्रदेश बनाकर मुख्यमंत्री विधानसभा में हुई भाजपा की हार का बदला जनता से ले रहे हैं।

शराब ख़रीदने के लिए लोन भी दे शिवराज सरकार डबल राजस्व हो जायेगा ब्याज भी मिलेगा।




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