राष्ट्रीय संरक्षक सहित ग्यारह प्रदेशों के अध्यक्ष की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किये औपचारिक घोषणा 

अखण्ड पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन उ0प्र0 ‘‘ए.एल.-40111’’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दैनिक सावन साहिल समाचार पत्र व न्यूज सावन साहिल पत्रिका के प्रधान सम्पादक शील गहलौत ने पंजीकृत कार्यालय से राष्ट्रीय मुख्य संरक्षक के साथ ग्यारह प्रदेश के प्रदेश अध्यक्षों की औपचारिक घोषणा की। बिहार प्रदेश से  राष्ट्रीय मुख्य संरक्षक मुकेश कुमार सिंह मनोनीति किया गया है। इसके साथ ही जम्मू एण्ड कश्मीर प्रदेश से वरिष्ठ पत्रकार सुनील मिश्रा, दिल्ली प्रदेश से गोपाल गोयल, उत्तर प्रदेश से डा0 ममता चौहान, झारखण्ड से रूपम जी, बिहार प्रदेश से विनोद कुमार पाण्डेय, मध्यप्रदेश से महेन्द्र सिंह पटेल, छत्तीसगढ से अशोक श्रीवास्तव, राजस्थान प्रदेश से सत्यनारायण जोशी, पंजाब प्रदेश से राजेश कुमार शर्मा, पश्चिमी बंगाल से तारकेश्वर कुमार ओझा और महाराष्ट्र प्रदेश से लाल प्रताप सिंह को प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष शील गहलौत ने बताया कि वैश्विक महामारी व लाॅगडाउन के चलते दिल्ली स्थित केन्द्रीय कार्यालय पर जाना सम्भव नही था। संगठन का कार्य बाधित न हो इसके लिये प्रतापगढ जिले में स्थित पंजीकृत कार्यालय से संरक्षक व प्रदेश अध्यक्षों की विधिवत घोषणा की गयी। मीडिया के समक्ष अपनी बात रखते हुये राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आज पूरे देश भर में पत्रकारों के तमाम संगठन है पर पत्रकारों के सरोकार से हटकर अपने चमक दमक तक सीमित होकर रह गया है। जिसका परिणाम यह रहा है कि सरकार इस चैथे स्तंम्भ को बेजुबान मान चुकी है। यह अलग बात है कि दूसरों के लिये इनके लेखनी की धार तेज बनकर दूसरों को न्याय दिलाने में सदैव सर्वोपरि रही है पर अपने जरूरत व अधिकार की लड़ाई में हमेशा फिसड्डी ही रही है। एकजुटता एवं अपने मुद्दे पर जुझारूपन के अभाव के चलते आज तक पत्रकारों को शासन प्रशासन से झूठी सांत्वना के अतिरिक्त कुछ नही मिला है। यह संगठन कुछ हटकर कर पत्रकारों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ने का जो वीणा उठाया है इसका परिणाम जरूर एक दिन सुखद आयेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केन्द्र व प्रदेश की सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुये कहा कि इस वैश्विक महामारी में जहां सरकार देश के हर तबके को कुछ न कुछ सहयोग देने का काम किया है वही पत्रकारों को हासिये पर छोड़ दिया है। जबकि हर पत्रकार का अपना परिवार होता है। उस परिवार की खानपान से लेकर अन्य जरूरते होती है पर सरकार की यह उदासीनता कही न कही से उसे भारी भी पडेगी। अखण्ड पत्रकार वेलफेयर एसोसिएसन (अपवा) पत्रकारों को मानदेय देने, पत्रकार आयोग के साथ पत्रकार एक्ट बनाने, मान्यता व गैर मान्यता प्राप्त सभी पत्रकारों को सरकारी बसों में फ्री यात्रा, पत्रकार व उसके परिजनों को फ्री उपचार, असमयिक मृत्यु पर आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों को लेकर संघर्षरत है। एक दिन जरूर आयेगा जब अपवा की आवाज पूरे हिन्दुस्तान का पत्रकार बनेगा और सरकार संगठन की मांगों को मानने पर मजबूर होगी।













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