वर्ष 2020 राष्ट्रीय मजदूर दिवस  मजदूरों के लिए सबसे ज्यादा दुखदाई रहा

मेरे प्यारे दोस्तों मेरे भारत देश की उन्नति तरक्की और देश के विकासशील होने पर सबसे अहम योगदान हमारे राष्ट्र के श्रमिक मजदूर भाइयों और बहनों का है इसे नकारा नहीं जा सकता

आज कोविड-19 महामारी की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला अगर कोई तब का है कोई समुदाय है तो वह श्रमिक मजदूर भाई और बहने हैं।

आज देश में महामारी की वजह से सभी उद्योग धंधे काम कारोबार बंद होने की वजह से मजदूर भाई और बहनें आर्थिक रूप से टूट चुके हैं

इस महामारी की वजह से मजदूर भाइयों और बहनों को आर्थिक रूप से तो कमजोर किया ही है दूसरा जो जहां काम करने गए थे वहां फंस कर रह गए हैं।

साथ साथ महामारी और घर की चिंता फिक्र की वजह से बहुत से मजदूर पलायन कर्ता पैदल ही चल पड़े जिसकी वजह से बहुत सी घटना के शिकार हुए और उनकी मृत्यु भी हुई है।

मेरे प्यारे दोस्तों आज सबसे ज्यादा संवेदना के हकदार और आवश्यक जरूरतों की पूर्ति के लिए परेशान हाल ये श्रमिक प्लान कर्ता मजदूर हैं।

मेरे प्यारे दोस्तों बहुत से मजदूर भाई अलग-अलग राज्यों में फंसे हुए हैं जो अब तक घर नहीं पहुंचे हैं उनके हालात उन्हें रोने पर मजबूर कर रहे हैं।

मेरे प्यारे दोस्तों मजदूरों को इस कोविड-19 की वजह से शारीरिक आर्थिक और मानसिक क्षति पहुंची है जिसकी भरपाई शायद ही हो पाए

मेरे प्यारे दोस्तों बहुत से मजदूर भाई दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं और उनके परिवार के लोग अपने घरों पर उनकी चिंता लिए रो मर रहे हैं।

अब सरकार भी कदम उठा रही है कि उनके श्रमिक परिजनों को उनके घर पहुंचाए जाएं वहीं जिन राज्यों में श्रमिक फंसे हुए हैं उन राज्यों की सरकारें भी उनके भोजन पानी रहने की व्यवस्था कर रही है।

उनकी व्यवस्था किस दर्जे की हो रही है इसका आंकलन तो हम नहीं कर पाएंगे बहरहाल जीवित रहने की एक रूपरेखा तैयार हो रही है कुछ नहीं होने से तो बेहतर है।

मेरे प्यारे दोस्तों सरकार अपना काम कर रही हैं लेकिन इस महामारी से उन मजदूरों को बचाना और उसके साथ अगर मजदूर कोविड-19 के शिकार रहे तो मजदूरों से क्षेत्रवासियों को भी बचाना एक बड़ी चुनौती बनकर सामने खड़ी है।

मेरे प्यारे दोस्तों यह आसमानी आपदा है और इससे हम बड़ी ही जटिलता और चुनौती के साथ लड़ रहे हैं इस आपदा से लड़ने के लिए सरकार ने जो बचाव के तरीके जारी किये है ।

एक तो अपने आप को होम क्वॉरेंटाइन करना सामाजिक दूरी बनाना और मार्क्स सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना बताया है यह इसके बचाव के लिए।

इस वक्त मजदूरों की जो स्थिति है वह सबसे ज्यादा दयनिय है और सबसे ज्यादा सरकार से अपेक्षा  भी मजदूर ही कर रहे हैं।

कोविड-19 की वजह से बहुत सारे सामाजिक संस्थानों ने जो बीड़ा उठाया है उसकी वजह से आज देश के मजदूर सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

जो जहां है वहां पर सामाजिक संस्थान कार्यकर्ता उन तक भोजन पानी राशन की व्यवस्थाएं करवा रहे हैं और सरकारें भी लामबंद होकर उन व्यवस्थाओं की पूर्ति कर रही हैं।

इन सब चीजों के बावजूद बहुत से ऐसे मजदूर भाई हैं जो भूख की हालत में परेशान होंगे 

मेरा उनसे निवेदन है कि वह आसपास के सामाजिक संस्थान पुलिस स्टेशन और सरकार द्वारा दिए गए टेलीफोन नंबरों पर संपर्क करके अपनी व्यवस्था सुनिश्चित करें

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस में मैं शुभकामनाएं देते हुए अपने आप को शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं

देश और समाज को एक उच्च श्रेणी देने वाले देश को एक जीवन प्रदान करने वाले श्रमिक भाइयों और बहनों की मेहनत और लगन की वजह से देश और समाज समृद्ध हुआ है और आज वही परेशान हाल ठगा महसूस कर रहे हैं।

लेकिन यह बात को भी नाकारा नहीं जा सकता कि इस महामारी की वजह देश सरकार नहीं बल्कि  इसकी शिकार पूरी दुनिया हुई है।

हम आपके परेशानी तकलीफों के बराबर के हिस्सेदार हैं और हम आपकी तकलीफों से अपने आप को बा वस्ता करते हुए अपनी संवेदना आपको समर्पित करते हैं।

नमन। किसी भी राष्ट्र की उन्नति में श्रमिकों का योगदान सर्वोपरि सर्वश्रेष्ठ है। 

आपका समर्पण भारत के विकास रथ को गतिशीलता प्रदान कर उन्नति व प्रगति की नई संभावनाओं के द्वार खोलता है शत शत नमन।


         लेखक

अब्दुल कादिर खान

राष्ट्रीय समाचार पत्रिका

    कलयुग की कलम

    मो 9753687489

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