थाना गढा एक और तीसरे झोलाछाप डॉक्टर के विरूद्ध प्रकरण दर्ज

कलयुग की कलम 

 थाना प्रभारी गढा श्री शफीक खाने ने बताया कि आज दिनॉक  12-5-2020 को श्री अजय कुरील जिला मीडिया अधिकारी विक्टोरिया अस्पताल जबलपुर ने लिखित शिकायत की कि  चिकित्सकीय ज्ञान व उपचार के पर्याप्त साधन न होने पर भी इलाज करने पर रोग ठीक होने की जगह उनके बढ़ने व दवाओं के साइड इफेक्ट होने की स्थिति निर्मित होती है और कई बार मरीजों के स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके जीवन व भविष्य के साथ खिलवाड़ हो जाता है। इस विषयक प्रसारित शासन आदेश के दृष्टिगत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर डॉ मनीष कुमार मिश्रा के द्वारा डॉ राधावल्लभ चौधरी, डॉ  धीरज दवंडे और मुझ अजय कुरील, की तीन सदस्यी कमेटी गठित की जाकर निर्देशित किया गया था कि अनाधिकृत पैथी में इलाज करने वाले ऐसे चिकित्सक जिन्हें एलोपैथी पद्धति से चिकित्सा व्यवसाय करने की वैधानिक डिग्री या डिप्लोमा तथा आवश्यक सभी पंजीयन न होने पर भी ऐलौपैथिक दवाईयां मरीज को परामर्श करने का अधिकार नही है एवं वे चिकित्सक अनाधिकृत रूप से परामर्श कर चिकित्सा व्यवसाय कर रहे है, की जांच करें एवं गंभीर कार्यवाही करें।    

इस कमेटी के द्वारा प्रथम चरण में उपलब्ध शिकायतों के आधार पर जबलपुर शहर के 13 चिकित्सकों के द्वारा किये जा रहे चिकित्सा व्यवसाय की जांच की गई। कमेटी ने डॉ अजय श्रीवास्तव के सम्बंध में पाया कि- 

डॉ अजय श्रीवास्तव  के द्वारा 1008/1, शाहीनाका पण्डा मढ़िया के पास मॉ नर्मदा क्लीनिक का संचालन किया जहा रहा है,   एम.बी.बी.एस., डाक्टर नहीं है किन्तु एलोपैथी डाक्टर बनकर  मरीजों की जांच करता है, तथा डॉ. अखिलेश पटेल एम.बी.बी.एस, एम.डी. के प्रिस्क्रिप्शन पैड का इस्तेमाल कर उनके रूप में मरीजों को अपने हाथ से एलोपैथिक दवा लिखता है, तथा इसके साथ ही,  अपने परामर्श पत्र पर एैसी एलोपैथिक दवायें जिन्हें मरीज को परामर्श दिये जाने का कोई अधिकारपत्र नहीं है, परामर्श दिया जाता है, मरीज के परचे में नॉरफलौक्सीन टिंडाजोल राबेप्राजोल दवा लिखी है ये सभी दवायें प्रतिबंधित भ् ैब्भ्म्क्न्स्म् ;क्तनह ंदक बवेउमजपबे तनसमे 1945) की है, इसके साथ ही डॉ. अजय श्रीवास्तव के पास एलोपैथिक, आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक पद्धति का कोई वैधानिक पंजीयन प्रमाण पत्र एवं सी.एम.एच.ओ. कार्यालय का   चिकित्सा व्यवसाय का अनुज्ञप्ति पत्र नही है।

फर्जी फार्मासिस्ट- पर्चों में डॉ. अखिलेश पटेल का फोन नम्बर काटकर अपना फोन नम्बर 9425797305 हाथों से लिख दिया है। यह डॉक्टर बाकी समय उसके क्लीनिक से लगे हुये मॉ नर्मदा मेडिकल स्टोर पर बैठकर दवायें बेचता है, मेडिकल स्टोर के संचालक का नाम प्रीतम यादव है, और वहीं फार्मासिस्ट है।

वर्तमान समय में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते जबलपुर क्षेत्र में भी महामारी का क्षेत्र घोषित है एवं इन्होंने एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का इलाज और इनके द्वारा किया जाकर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर धोखाधड़ी की जा रही है। इस तरह इस चिकित्सक ने परामर्श प्राप्त करने वाले मरीज के साथ धोखाधड़ी कर अवैध लाभ अर्जित किया। साथ हीः-(1) बिना पंजीयन के एलोपैथी प्रैक्टिस कर नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट 2019 की धारा-34,

(2) डाक्टर ‘‘उपाधि’’ का प्रयोग कर चिकित्सा शिक्षा संस्था (नियंत्रण) अधिनियम 1973 धारा 7 (ग) सहपठित धारा 8 (2),  

(3) अनधिकृत चिकित्सा व्यवसाय कर मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 की धारा 21 सहपठित धारा 24,

(4) क्लीनिकल स्थापना का पंजीयन न कर म.प्र. उपचर्यागृह तथा रुजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 की धारा-3 सहपठित धारा 8 (क) एक तथा दो सहित

(अ) स्वयं को एलोपैथिक चिकित्सक बताकर भारतीय दंड विधान की धारा 420 का उल्लंघन कर अपराध किया है। 

लिखित शिकायत पर डॉ. अजय श्रीवास्तव के द्वारा स्वयं को एलोपैथिक चिकित्सक बताकर इलाज करने पर धारा  420 भादवि,, बिना पंजीयन के एलोपैथी प्रैक्टिस करने पर नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट 2019 की धारा 34, डॉक्टर उपधि का प्रयोग कर चिकित्सा शिक्षा संस्था (नियंत्रण) अधिनियम 1973 की धारा 7(ग) सहपठित धारा 8(2), अनाधिकृत चिकित्सा व्यवसाय करने पर मध्य प्रदेश अयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 की धारा 21, सहपठित धारा 24, क्लीनीकल स्थापना का पंजीयन न होने से मध्य प्रदेश उपचर्याग्रह तथा रूजोपोपचार सम्बंधी स्थापनायें (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन ) अधिनियम 1973 की धारा 3, सहपठित धारा 8(क) एक तथा दो, सहित अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया।

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