पकड़ीदयाल अनुमंडल के कई पंचायतों में फर्जी जॉब कार्ड का भरमार,                            

संजना भारती।/सुभाष पांडे,वृजभूषण

पकड़ीदयाल:: जिला में कोरोना संक्रमण से जूझ रहे दिहाड़ी मजदूरों को काम की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत पंचायत स्तर पर कार्यान्वित योजनाओं में जमकर लूट खसोट की जा रही है। लूट खसोट करने का नेटवर्किंग इतना मजबूत है कि उसे ध्वस्त करना सूर्य को दीया दिखाने के समान होगा। स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सूत्रों के जिला के अधिकांश पंचायतों में वास्तविक कार्य दिवस एवं मस्टर रॉल में दर्ज

मजदूरों के कार्य दिवस में भारी हेराफेरी की जाती है जिसकी जानकारी जिला प्रशासन, संबंधित पीओ, जेई तथा पीआरएस  को रहता है किंतु शिकायत के बाद भी कारवाई नहीं की जाती है। इतना ही नहीं मस्टर रॉल में दर्ज मजदूरी की राशि का भुगतान मजदूरों से विड्रॉल पर हस्ताक्षर या निशान पूर्व में ही ले लिया जाता है तथा उन बैंकों को भी मुखिया एवं उनके दलाल मैनेज कर लेते हैं परिणामस्वरूप मजदूरी के नाम पर मजदूरों की हकमारी बदस्तूर जारी है। जिला के जिहुली और तेजपुर नवादा पंचायतों में सबसे ज्यादा फर्जी जॉब कार्ड की भरमार है जिसकी सूक्षमतापूर्वक जांच की जाए तो परिणाम चौंकाने एवं हतप्रभ करनेवाले होंगे।विभागीय अधिकारी मजदूरों के शिकायत के बाद भी"हमहू लूटी, तुहू लूट, लूटे के आजादी बा लोकोक्ति को अक्षरशः चरितार्थ कर रहे हैं। लूट खसोट, अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के फेहरिस्त में पकड़ीदयाल प्रखंड के राजेपुर नवादा पंचायत अव्वल है जहां मनरेगा योजना के तहत जबरदस्त  लूट की धूम मचाने का आरोप लगाए जा रहे हैं। जयकांत तिवारी, प्रोफेसर राम एकबाल सिंह, सुबोध कुमार ठाकुर, नागेंद्र ठाकुर, ब्रज किशोर सिंह सहित कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया है  कि जहां बीते 15 वर्षों में पंचायत में जॉब कार्ड धारियों की संख्या 600 के करीब थी वही आज उक्त पंचायत में 2200 कार्डधारक है। पंचायत में कुल 13 वार्ड हैं जिसमें वार्ड नंबर 03 को छोड़कर शेष वार्ड सदस्यों के पारिवारिक सदस्य, भाई,भतीजा,नई नवेली दुल्हन भी जॉब कार्ड धारक हैं जिन्हें खुश रखकर मुखिया मनमानी करती हैं। इतना ही नही, बरसों पूर्व मृत व्यक्तियों के नाम पर भी राशि की निकासी की गई है जो गहन जांच का विषय है। यहां तू डाल डाल, मैं पात पात वाली लोकोक्ति अक्षरशः चरितार्थ हो रही है। पशु शेड एवं सोख्ता निर्माण में भी जमकर अनियमितता बरती गई है। मनरेगा के तहत लूट एवं अनियमितता बरतने के लिए मुखिया द्वारा फर्जी तरीके से प्रखंड से बाहर वर्ष 2016 में तकरीबन 156 लोगों का खाता खोलकर उनके नाम पर राशि की निकासी की गई है। यथा जगदीश मांझी जॉब कार्ड नंबर 0251400/1010(42 वर्ष) शामिल हैं जिनकी मृत्यु कई वर्ष पहले हुई है। आज भी उनके नाम पर राशि की निकासी की जा रही है।आरोपों की बाबत संजना भारती के संवाददाता ने जब प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मुकेश कुमार गुप्ता से संपर्क साधा तो उन्होंने बताया कि उक्त आरोपों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुखिया उमा देवी से बातचीत में बताई की इस तरह की लापरवाही मेरे द्वारा पंचायत में नहीं हो रही है। यह बिल्कुल जांच का विषय है।

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