कटनी पुलिस ने बनाया वीडियो कम्युनिकेशन सिस्टम कंट्रोल रूम, हर गांव व वार्ड पर रखी जाऐगी नजर

कलयुग की कलम रिपोर्टर सोनू त्रिपाठी

कटनी- जिले में पुलिस कन्ट्रोल रुम से हर गांव और शहर के वार्ड की निगरानी को कोटवार और ग्राम सचिव को वीडियो कॉलिंग सिस्टम से जोड़कर कोरोना संक्रमण की बीमारी के नियंत्रण के लिये वीडियो कम्युनिकेशन सिस्टम से और भी प्रभावी बनाया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार के निर्देशानुसार पुलिस कन्ट्रोल रुम में नवाचार के रुप में सिस्टम को मूर्तरुप देने में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा के नेतृत्व में उप पुलिस अधीक्षक हेडक्वार्टर, रक्षित निरीक्षक लवली सोनी, सूबेदार मोनिका खड़से, सूबेदार सोनम उईके, आरक्षक अभिषेक, विजय, राकेश और फोटोग्राफर साईबर सेल चन्दन की टीम ने अपना बखूबी योगदान दिया है।

जिले में ग्राम और नगर रक्षा समिति को संबद्ध कर एक सोशल नेटवर्क तैयार कर कोटवार और ग्राम सचिव को सीधे कन्ट्रोल रुम में जोड़ा गया है। अब कन्ट्रोल रुम कटनी में बैठकर समूचे जिले के किसी भी ग्राम अथवा शहरी वार्ड की स्थिति की जानकारी वीडियो कॉलिंग के माध्यम से तत्काल ली जा सकेगी। पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार ने रविवार को जिले के पत्रकारों को पुलिस कन्ट्रोल रुम में नवाचार के वीडियो कॉलिंग कम्पयुनिकेशन सिस्टम के बारे में जानकारी दी। शनिवार को कमिश्नर जबलपुर महेशचन्द्र चौधरी और महानिरीक्षक पुलिस बी0एस0 चौहान, डीआईजी मनोहर वर्मा ने भी इस नवाचार का अवलोकन कर सराहना की। कमिश्नर श्री चौधरी ने विलायतकला के ग्राम रक्षा समिति और ग्राम सचिव से कन्ट्रोल रुम से फोन लगाकर ग्राम पंचायत क्षेत्र में लॉकडाउन और बाहरी व्यक्तियों के कोरेन्टाईन पालन के संबंध में जानकारी ली थी। पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार ने रविवार को कन्ट्रोल रुम से वीडियो कॉलिंग कर कैमोर क्षेत्र के ग्राम सचिव, बाकल बहोरीबंद के कोटवार और रंगनाथ नगर थाने के कन्टेनमेन्ट जोन के नगर रक्षा समिति के यागेश से वहां के हालातों की जानकारी ली। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह सिस्टम अपवर्क से डाउनवर्क और डाउनवर्क से अपवर्क तक कम्युनिकेशन होगा। जिलास्तर से सूचनायें अनुभाग, थाना एवं ग्राम स्तर पर पहुंचाई जायेंगी तथा इन्ट्रा पर्सनल और इन्टर पर्सनल, समानान्तर कम्युनिकेशन और अंतर विभागीय कम्युनिकेशन से प्राप्त सूचनाओं के गुणधर्म के आधार पर निराकरण किया जायेगा। जैसे कोरोना बीमारी से कोई बीमार संभावित है, तो ग्राम स्तर की टीम को सूचना दी जायेगी एवं आरआरटी को भी सूचित किया जायेगा। यदि सूचना गंभीर है, तो जिला चिकित्सालय के कन्ट्रोल रुम को सूचित कर अधीनस्थ आरआरटी भेजकर तत्काल रुप से समस्या हल कराई जायेगी। जिले में पंचायत स्तर पर जो विभागीय टीमें कार्यरत हैं, उन्हें यह सिस्टम मदद करेगा ताकि समन्वित प्रयासों से कोरोना की बीमारी की समस्या हल की जा सके। इस सिस्टम से थाना एवं अनुविभाग स्तर की टीमें भी अपने वैधानिक दायित्वों का निर्वहन करेंगी और विधि अनुसार कार्य करेंगी। पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार ने बताया कि ग्राम रक्षा समिति, नगर रक्षा समिति ग्राम कोटवार और ग्राम सचिवों को आपदा नियंत्रण प्रबंधन के तहत विशेष पुलिस अधिकारी का दर्जा देकर कोरोना वायरस के संक्रमण नियंत्रण की दिशा में बहुत से काम सौंपे हैं। जिनमें गांव गांव में होम कोरेन्टाईन किये गये लोगों की निगरानी, संस्थागत कोरेन्टाईन किये गये लोगों पर नजर रखना, गांव में कोरोना या अन्य बीमारी के बारे में तत्काल सूचनाओं का अदान-प्रदान, गांव में किसी असामान्य घटना या अपराध की सूचना देना, शासन-प्रशासन के आदेशों को गांव गांव तक पहुंचाना, होम कोरेन्टाईन किये गये तथा रेड जोन, ऑरेन्ज जोन से गांव में आये लोगों की सूची बनाना या संचार व्यवस्था के अन्य कार्य जो जिलास्तर से सौंपे जायेंगे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप मिश्रा ने बताया कि पुलिस विभाग के कोरोना कन्ट्रोल रुम का प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक अमन मिश्रा को बनाया गया है। सूबेदार अंजू लकड़ा और सूबेदार संजीव रावत की टीम कन्ट्रोल रुम में सहयोग करेगी। पूरे सिस्टम का उद्देश समन्वित प्रयासों से तीव्र गति से जनता की समस्याओं को हल करना है। इसके अलावा जिला प्रशासन का कोरोना कन्टोल रुम, चिकित्सा विभाग का कन्ट्रोल रुम, आरआरटी, 108 एवं अन्य मोबाईल टीमें, जिला पंचायत का संस्थागत सिस्टम के साथ समन्वय करते हुये कोरोना वायरस संक्रमण की समस्या को हल करने में अपनी महती भूमिका का निर्वहन करेगा।


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