इंसानियत से बड़ा कोई मजहब नहीं - अरशद मंसूरी

कटनी / जिस तरह पूरे देश मे कोरोना महामारी की वजह बहुत बड़ा संकट का असर देखने को मिला वही दूसरी तरह कटनी शहर के स्थानीय विभिन्न सामाजिक , राजनीतिक, संस्थाओं ने असहाय व गरीब वर्गों के बीच अपना आर्थिक रूप से सहयोग में हिस्सा लिया व उनके भोजन का प्रबंधन किया सभी ने किसी ना किसी रूप में अपने शहर को हौसला प्रदान किया 

इसी क्रम में कटनी शहर के युवा समाज सेवी अधिवक्ता अरशद मंसूरी ने पिछले कई महीनों से शहर के विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से साथ हर वर्ग में भोजन की व्यवस्थाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की 

अरशद मंसूरी ने बताया के  मेरे जैसे कई युवाओ ने अपने शहर के लिए जिस तरह अपना योगदान दिया है ये बहुत ही हम सब के लिए फख्र की बात है हम सब एक साथ है आदरणीय  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आहवान पर इस महामारी से बचने लिए लोगो को जागरूक रहना बहुत जरूरी था घर पर रहे सुरक्षित रहे हमे गर्व है अपने प्रशासन, डॉक्टरों पर जिन्होने योद्धा के रूप में हमारी सुरक्षा कर रहे है

अधिवक्ता अरशद मंसूरी युवा समाज सेवी के साथ साथ , भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे, पूर्व मदरसा बोर्ड संभागीय सह समन्वयक , एबीवीपी में कॉलेज अध्यक्ष से लेकर जिला सह संयोजक तक रह चुके है

       लेखक  

अब्दुल कादिर खान 

  कलयुग की कलम 




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