देश में तीसरा ताला लगाने क्यों नहीं आए प्रधानमंत्री जी.. शिव सिंह

कलयुग की कलम 

  मध्य प्रदेश 4 मई 2020..  देश में फैली कोरोना महामारी से लड़ाई लड़ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो बार लॉकडाउन यानी तालाबंदी का फरमान जारी किए और तीन बार पर्दे पर देश के नाम संदेश  दिए  एक बार रेडियो पर मन की बात किए लेकिन तीसरी बार लॉकडाउन यानी तालाबंदी का आदेश करने सामने क्यों नहीं आए पर बड़ा सवाल उठाते हुए जनता दल सेक्युलर के प्रदेश अध्यक्ष शिव सिंह एडवोकेट ने कहा कि इस महामारी से देश में जो हालात पैदा हैं वह बेहद चिंताजनक है कुछ लोग मेरी सोच     व सवालों को छोटी मुंह बड़ी बात का उदाहरण देकर तमाम टिप्पणी करेंगे लेकिन मुझे अपने विचार रखने की पूर्ण स्वतंत्रता है इसलिए मैं अपने विचार रख रहा हूं देशवासियों आज देश के सामने एक बड़ा सवाल उत्पन्न होता है कि तीसरा लॉक डाउन यानी तालाबंदी की घोषणा करने देश के मुखिया पर्दे पर क्यों नहीं आए गायब क्यों हो गए ऐसा लगता है कि सरकार के पास कोरोना महामारी से लड़ने कोई रोडमैप  तैयार ही नहीं है क्योंकि एक बड़ा उदाहरण आपके सामने है कि 40 दिनों तक मजदूरों गरीबों को उनके घर नहीं जाने  दिया गया प्रधानमंत्री ने रात्रि 12 बजे लॉकडाउन की घोषणा किया  उसी समय  उद्योगों में  उद्योगपतियों ने ताला जड़ दिया जिसके चलते मजदूर सड़क पर ही खड़ा रह गया सरकार  और उद्योगपति  लॉकडाउन के पहले ही साझा रणनीति बना सकते थे मजदूरों को रोक सकते थे खाना दे सकते थे उनकी जांच करा सकते थे उनको उनके घर भेज भी सकते थे लेकिन ऐसा ना करके उन्हें रोटी के लिए तड़पाया गया  कोरेंटिन सेंटरों में जानवरों जैसा बर्ताव किया गया सड़क पर पैदल चलने के लिए मजबूर किया गया लाठियों से पीटा गया केमिकल से नहलाया गया रोटी और गांव जाने की मांग पर मुकदमे लगाए गए इन सब घटनाक्रमों से देश के अंदर हजारों मजदूर गरीबों की मौतें हुई ऐसे में सरकार और उद्योगपतियों पर गंभीर अपराध बनता है  आज प्रदेश की सरकारों मजदूर यूनियनों राजनीतिक दलों के दबाव में अलग अलग ढंग से मजदूरों को भेजने की तैयारी शुरू की गई लेकिन अब सवाल यह उठता है कि मजदूरों की  कोरोना जांच सही ढंग से हो रही है कि नहीं अभी तक जो नतीजे सामने आए यह ज्ञात हुआ कि गरीब मजदूर की जांच किट जो चाइना वाली थी वह रिजेक्ट हो चुकी है इसलिए मजदूर का सिर्फ टेंपरेचर देखा जा रहा है उसके जांच के संसाधन स्वास्थ्य विभाग व सरकार के पास उपलब्ध नहीं है अन्यथा जब मजदूर गरीब 5 हफ्तों तक महानगरों में मौजूद था तो उसी समय उनकी जांच करा देना चाहिए था आज मजदूर के हालात भी बदतर हो चुके हैं  उसके जेब खाली हो गए हैं बीमारी पर क्या इलाज कराएगा क्या खाएगा जिस समय सरकार को देश के प्रमुख लोगों  से राय लेकर  कोरोना महामारी से निपटने रणनीति तैयार करने की जरूरत थी उस समय  सरकार अमीरों तथा उद्योगपतियों की सेवा में लगी रही सरकार गिराती रही सरकार बनाती  रही और प्रधानमंत्री बिना सदन के  इजाजत से भारतीय जनता पार्टी  परिवार को चलाने  अलग से  पीएम केयर फंड खोलने में व्यस्त  रहे आज उसी जनता के पैसे को  छिपाया जा रहा है इस महासंकट     में भी जनता के पैसे को  जनता तक नहीं पहुंचाया जा रहा उसी पैसे से  प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति   8458 करोड़ में अपनी यात्रा के लिए बोइंग विमान खरीद रहे हैं 68607 करोड़ भगोड़ा और दलालों  के कर्ज माफी में खर्च कर दिए पूर्व के बजट में 2021 करोड़ विदेश यात्रा में फूंक दिए 43 00 करोड़  प्रचार में फूंक दिए और जब महामारी ने देश में दस्तक दिया तो साहब ने चिकित्सीय इलाज व व्यवस्था की जगह ताली थाली घंटी दीपक टॉर्च मोबाइल जलाने बजाने का ऐलान कर देश के आवाम को गुमराह किया और जब देश के कोने कोने बीमारी ने  दस्तक देना शुरू किया  तब साहब को प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों व अन्य बड़े नेताओं की याद आई अब धीरे-धीरे देश के मुखिया अपने कारनामों को छिपाने प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को महामारी से निपटने कमान सौंपकर पर्दे से गायब हो गए अब सरकार सेना प्रमुख बिपिन रावत को सामने लाकर फिर एक पैतरा खेला  जिसमें कोरोना महामारी से निपटने सेवा में लगे चिकित्सकों एवं अन्य लोगों के लिए विमान से पुष्प वर्षा की गई एक बड़ा सवाल पैदा होता है कि प्रधानमंत्री जी किस नतीजे से खुश होकर आपने पुष्प  वर्षा कराया आज देश के अंदर कोरोना महामारी से जंग लड़ रहे  हजारों महान चिकित्सक नर्सेज सीआरपीएफ पुलिस के जवान अधिकारी कर्मचारी स्वास्थ्य कर्मी सफाई कर्मी कोरोना पॉजिटिव हैं अभी तक कई चिकित्सक  तथा पुलिस के अधिकारी कर्मचारी अन्य लोग  कोरोना से लड़कर स्वास्थ्य सामग्रियों पीपी किट मास्क आदि के अभाव के चलते सेवाएं देते देते शहीद हो चुके हैं जो बड़ा चिंतनीय विषय है यदि सेवा करने वाले ही सुरक्षित नहीं है तो फिर देश को  इस महामारी से कैसे  सुरक्षित कर पाएंगे आज कोरोना महामारी से देश को बचाने समाजसेवियों उद्योगपतियों क्रिकेटरों कलाकारों आम नागरिकों ने सरकार का खजाना  भी भरा  गरीब जनता का पेट भी भरा लेकिन सरकार को जहां कोरोना से लड़ने पी पी किट मास्क एवं इलाज की व्यवस्था  करना चाहिए था सरकार ने नहीं किया ना ही देशवासियों की कोई आर्थिक मदद  की  जो बेहद चिंता का विषय है और ऐसे संकट में आर एस एस भाजपा व सरकार से जुड़े लोग घटिया बयान बाजी कर रहे हैं आर एस एस प्रमुख का कहना है कि इस बीमारी से डरने की जरूरत नहीं है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का कहना है कि यह बीमारी सर्दी जुखाम से बड़ी नहीं है भाजपा के एजेंट बाबा रामदेव का कहना है कि नाक में सरसों का तेल डालने से पेट में बीमारी का  अंत हो जाएगा कोई बोल रहा है गोमूत्र से इस बीमारी का अंत होगा एक इच्छाधारी बाबा बोल रहा है यह नक्षत्रों का प्रकोप है कोई बोल रहा है काढ़ा पीने से ठीक होगा और देश के मुखिया को आपने  देखा ही क्या-क्या पिटवाया क्या-क्या जलवाया क्या क्या बजवाया आपके सामने है इसलिए मेरे देशवासियों सरकार आपके साथ नहीं हैं सारी उम्मीदें खत्म हो चुकी हैं अब आप प्रार्थना करें कि देश के चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी एवं समस्त सेवा में लगे अधिकारी कर्मचारी पुलिसकर्मी स्वस्थ रहें और आप भी उनकी सलाह से स्वस्थ रहें   l

                       
                  शिव सिंह एडवोकेट
प्रदेश अध्यक्ष जनता दल सेक्युलर मध्य प्रदेश
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