एक और पांचवे झोलाछाप डाॅक्टर के विरूद्ध थाना संजीवनीनगर में प्रकरण दर्ज 

थाना प्रभारी संजवनी नगर श्रीमति भूमेश्वरी चैहान ने बताया कि आज दिनाॅक  16-5-2020 को श्री अजय कुरील जिला मीडिया अधिकारी विक्टोरिया अस्पताल जबलपुर ने लिखित शिकायत की कि चिकित्सकीय ज्ञान व उपचार के पर्याप्त साधन न होने पर भी इलाज करने पर रोग ठीक होने की जगह उनके बढ़ने व दवाओं के साइड इफेक्ट होने की स्थिति निर्मित होती है और कई बार मरीजों के स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके जीवन व भविष्य के साथ खिलवाड़ हो जाता है।  

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर डॉ मनीष कुमार मिश्रा के द्वारा डॉ राधावल्लभ चैधरी, डॉ  धीरज दवंडे और मुझ अजय कुरील, की तीन सदस्यी कमेटी गठित की जाकर निर्देशित किया गया था कि अनाधिकृत पैथी में इलाज करने वाले ऐसे चिकित्सक जिन्हें एलोपैथी पद्धति से चिकित्सा व्यवसाय करने की वैधानिक डिग्री या डिप्लोमा तथा आवश्यक सभी पंजीयन न होने पर भी ऐलौपैथिक दवाईयां मरीज को परामर्श करने का अधिकार नही है एवं वे चिकित्सक अनाधिकृत रूप से परामर्श कर चिकित्सा व्यवसाय कर रहे है, की जांच करें एवं गंभीर कार्यवाही करें।    

इस कमेटी के द्वारा प्रथम चरण में उपलब्ध शिकायतों के आधार पर जबलपुर शहर के 13 चिकित्सकों के द्वारा किये जा रहे चिकित्सा व्यवसाय की जांच की गई।  आधुनिक चिकित्सा पद्धति के अतिरिक्त वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति में शासन से मान्यता प्राप्त संस्था से आयुर्वेद, होमियोपैथ आदि मान्य चिकित्सा पद्धति में उपाधिधारी आयुष डाक्टर वास्तविक या मान्य डाक्टर की श्रेणी के अन्तर्गत आते हैं, फर्जी या झोलाछाप की नहीं, किन्तु इन्हें क्लीनिक खोलकर चिकित्सा व्यवसाय करने के पूर्व संबंधित चिकित्सा परिषद और सीएमएचओ कार्यालय में पंजीयन कराना अनिवार्य होता है। म.प्र. राजपत्र 19 जून 2003 के अनसार ऐसे व्यक्ति जिन्होंने आयुर्वेद के साथ मार्डन मेडीसन एन्ड सर्जरी अर्थात इंटीग्रेटेड बी.ए.एम.एस उपाधि प्राप्त की है, सिर्फ वे ही आधुनिक चिकित्सा पद्धति एलोपैथी में उतने स्तर पर चिकित्सा कार्य कर सकते हैं, जितना की उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

 इस कमेटी के द्वारा प्रथम चरण में उपलब्ध शिकायतों के आधार पर जबलपुर शहर के 13 चिकित्सकों के द्वारा किये जा रहे चिकित्सा व्यवसाय की जांच की गई।   डाॅ ए. के. साहू के संबंध में दो शिकायतें प्राप्त हुई। जांच कमेटी के द्वारा पाया कि

(1) अवैध क्लीनिक का संचालन- थाना संजीवनी नगर अंतर्गत अंधमूक बधिर स्कूल के पास भेड़ाघाट बाइपास चैराहे से दायें मुड़कर ओवर ब्रिज के नीचे से मेन रोड पर दाहिने हाथ पर एक मकान में चिकित्सक डाॅ ए. के. साहू द्वारा  दवाखाना का संचालन किया जाता है जिसका सी.एम.एच.ओ. कार्यालय का पंजीयन नहीं है, लेकिन ये मरीजों का एलौपेथिक पद्धति से उपचार करते हैं।   नोटिस देने पर  नोटिस  का उत्तर देने और नोटिस में चाहे गए ऐलोपैथिक, आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक पद्यति का कोई वैधानिक पंजीयन प्रमाणपत्र एवं सीएमएचओ कार्यालय का चिकित्सा व्यवसाय का अनुज्ञप्ति पत्र देने में असफल रहे है।

(2) सर्दी-जुकाम के उपचार हेतु प्रतिबंधित अग्रेजी दवा परामर्श - चिकित्सक डाॅ ए. के. साहू के पास ऐलोपैथिक दवाओं का परामर्श देने का कोई वैधानिक अधिकार पत्र नही है। चिकित्सक के द्वारा  दिनांक 19.03.2020 को मरीज के परचे में बुखार,  सर्दी-जुकाम के उपचार हेतु   Sinarest     अंग्रेजी दवा लिखी है   फिर Aciloc लिखी, जिसमें Ranitidin है। यह दवा  Clavam 625  और Aciloc प्रतिबंधित H&SCHEDULE ¼Drug and cosmetics rule 1945½   की हैं। उक्त दवायें मरीज को दिये जाने का परामर्श देने का अधिकार डाॅ ए. के. साहू को घटना दिनांक 19.03.2020 को नही था,  मरीज को लेने का परामर्श दिया।  

वर्तमान समय में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते जबलपुर क्षेत्र में भी महामारी का क्षेत्र घोषित है एवं इन्होंने एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का इलाज और इनके द्वारा किया जाकर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ कर धोखाधड़ी की जा रही है। इस तरह इस चिकित्सक ने परामर्श प्राप्त करने वाले मरीज के साथ धोखाधड़ी कर अवैध लाभ अर्जित किया। साथ हीः-(1) बिना पंजीयन के एलोपैथी प्रैक्टिस कर नेशनल मेडिकल कमीशन एक्ट 2019 की धारा-34,

(2) डाक्टर उपाधि का प्रयोग कर चिकित्सा शिक्षा संस्था (नियंत्रण) अधिनियम 1973 धारा 7 (ग) सहपठित धारा   8 (2),

(3)अनधिकृत चिकित्सा व्यवसाय कर मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 की धारा 21 सहपठित धारा 24,

(4) क्लीनिकल स्थापना का पंजीयन न कर म.प्र. उपचर्यागृह तथा रुजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) अधिनियम 1973 की धारा-3 सहपठित धारा 8 (क) एक तथा दो सहित (अ) स्वयं को एलोपैथिक चिकित्सक बताकर भारतीय दंड विधान की धारा 420 का उल्लंघन कर अपराध किया है।

लिखित शिकायत पर  ए.के. डाॅ साहू के विरूद्ध थाना संजीवनी नगर  में आज दिनाॅक 16-5-2020 को उपरोक्त लिखित धाराओं के अन्तर्गत अपराध क्र्रमांक  161/2020 पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना मे लिया गया।

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