शासन के आदेश की धज्जियां उड़ाकर कोटेदार ने जरूरतमंद गरीबों को राशन से किया महरूम

कोटेदार, सप्पलाई इस्पेक्टरव एआरओ की मिलीभगत से मशीन का बहाना अच्छा है।


      K K K न्यूज रिपोर्टर

               नैनी

       सुभाष चन्द्र पटेल

प्रयागराज नैनी के कोटेदार अब शासन व सरकार पर भारी पड़ते हुए जरूरतमंदों को राशन से महरूम कर रहे है जिसमे उनके साथ सप्लाई इंसपेक्टर व एआरओ का भी सहयोग मिलता है।

जानकारी के अनुसार आयुक्त खाद्यान्न लखनऊ के पत्र दिनांक 30 मार्च 2020 के 02 पेज के ऑर्डर में साफ लिखा गया है कि अंत्योदय व सामान्य सभी कार्ड धारकों, मनरेगा व पंजीकृत श्रमिक, अपंजीकृत श्रमिक व बिना राशन कार्ड वालों को भी कंडीशनल राशन मिलेगा तथा 03 महीने का राशन व 01 किग्रा दाल फ्री मिलेगी। इसके साथ मशीन मैपिंग सुबह 06 से रात्रि 09 बजे तक खुली रहेगी। इस सन्दर्भ में देखा गया है कि नैनी के पीडीए कालोनी में काशीराम आवास के कोटेदार द्वारा अक्सर कोटे की दुकान बंद रखी जाती है जिसमे प्रायः मशीन के खराब रहने की बात बताई जाती है। लगभग 02 महीने के लंबे लॉक डाउन के दौरान अभी भी कोटेदार की मनमानी से तमाम जरूरमंद गरीब राशन से महरूम है जिनकी शिकायत पर लामबंद कोटेदार, एआरओ व सप्लाई इंस्पेक्टर किसी की नही सुनते। कुछ भुक्तभोगियों ने 1076 व अन्य माध्यम से शिकायत की है जोकि सप्लाई इंस्पेक्टर के पास पेंडिंग है। इस संदर्भ के शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि कोई जांच अधिकारी उनसे पूछता भी नही व फर्जी रिपोर्ट लगाकर कोटेदार को बचाने का प्रयास करते हैं। आज दिन में 11 से लगभग 02 बजे तक कोटा बन्द मिलने के दौरान जब बात करने का प्रयास किया गया तो सप्लाई इंस्पेक्टर, कोटेदार व एआरओ ने जानबूझकर फोन नही उठाया जबकि डीएसओ प्रयागराज ने आयुक्त के आदेश की पुष्टि करते हुए कहा कि कोटा सुबह 06 से रात 09 बजे तक खुलना चाहिए। उधर आज राशन न मिलने से परेशान गरीबों की जब ज्यादा भीड़ इकट्ठी हो गयी तो कोटेदार के कुछ समर्थक मारपीट पर उतारू हो गए जिसके बाद लगभग डेढ़ बजे कम्प्यूटर आपरेटर आकर गरीबों व मीडियाकर्मियों को धौंस देने लगा हालांकि सूचना पर पहुंची इलाकाई पुलिस ने मामले को शांत कराया। गरीबों द्वारा यह भी बताया गया कि अंगूठा लगवा लेने के बाद भी कोटेदार उन्हें राशन नही देता है। बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार सभी गरीबों को फ्री राशन की घोषणा कर चुकी है तो कोटेदार, सप्लाई इंस्पेक्टर व एआरओ को इन्हें राशन देने में दिक्कत क्या है?




Share To:

Post A Comment: