आइसोलेशन एवं कोरेंटिन सेंटरों की हालत जेल की कालकोठरी से  बदतर... शिव सिंह

कलयुग की कलम 

 रीवा 27 मई 2020.. वैश्विक कोरोना महामारी से पीड़ित  कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए जिले एवं प्रदेश स्तर पर बनाए गए आइसोलेशन एवं कोरेंटिन सेंटरों की हालत जेल की कालकोठरी से बदतर हो चुकी है उक्त आरोप लगाते हुए समाजवादी नेता कौशल सिंह मीसाबंदी बृहस्पति सिंह राष्ट्रीय जन जागृति मंच के प्रदेश अध्यक्ष मास्टर बुद्धसेन पटेल जनता दल सेक्यूलर के प्रदेश अध्यक्ष शिव सिंह एडवोकेट समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव रामायण सिंह  समग्र उत्थान पार्टी के पूर्व प्रत्याशी शिवकुमार बाबा मिश्रा समाजसेवी ज्ञानेंद्र गौतम  समाजसेवी विश्वनाथ पटेल चोटीवाला ने कहा कि शासन को जैसे ही कोरोना से संबंधित मरीजों की जानकारी मिलती है  उन्हें सीधे पुलिस प्रशासन के माध्यम से गिरफ्तारी जैसी प्रक्रिया अपनाकर आइसोलेशन एवं कोरेंटिन सेंटरों में डाल दिया जाता है जहां न तो इलाज की व्यवस्था है न ही खाने-पीने की मात्र शासकीय दस्तावेजों में इलाज  संबंधी प्रक्रिया पूरी की जा रही है जिले में जहां-जहां भी सेंटर है सभी में पुलिस का पहरा है पटवारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्राम सचिव सरपंच रोजगार सहायक जाकर कोरोना पॉजिटिव मरीजों को सर्दी जुकाम की दवा बांट  रहे हैं और जिन वरिष्ठ चिकित्सकों की ड्यूटी सेंटरों में लगाई गई है वह कभी सेंटरों में जाते ही नहीं मात्र हफ्ते में जूनियर चिकित्सक कहीं-कहीं हाल  जानने पहुंचते हैं मरीज बिना सुविधाओं के काल कोठरी में कैद हैं  जो बिना समुचित इलाज के जेल की कालकोठरी से भी बदतर जीवन जी रहे हैं जो बेहद चिंताजनक है

 हायर एंबुलेंसो से ड्राइवर गायब

जिला चिकित्सालय रीवा द्वारा कोरोना पीड़ित मरीजों को लाने ले जाने लगभग 10 एंबुलेंस हायर   की गई है जो जिला अस्पताल में खड़ी हुई है सुरक्षा उपकरणों के अभाव के चलते उन एंबुलेंस से ड्राइवर गायब है शासन लगातार हायर वाहनों का किराया अदा कर रहा है इस तरह से खुलेआम भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है

ओपीडी बंद होने से मरीज तोड़ रहे दम

जिले से लेकर प्रदेश भर में कोरोना महामारी का बहाना बनाकर ओपीडी बंद कर दी गई है संजय गांधी हॉस्पिटल रीवा की ओपीडी महीनों पूर्व से बंद कर दी गई थी जिसके चलते गंभीर बीमारियों जैसे टीबी कैंसर एक्सीडेंट पैरालाइसिस बुखार आदि से पीड़ित मरीज बिना इलाज के दम तोड़ रहे हैं उनका कोई इलाज नहीं हो पा रहा है  अन्य बीमारियों से पीड़ित दर्जनों मरीज एसजीएमएच के कोरोना आइसोलेशन सेंटर होने की दहशत से घरों से लेकर हॉस्पिटल पहुंचने तक में दम तोड़ रहे हैं इसी तरह आयुर्वेद हॉस्पिटल की भी ओपीडी बंद है जिससे बीमारियों से पीड़ित गरीब मजलूम मरीज जिन्हें सुविधा अनुसार आयुर्वेदिक दवाइयां व इलाज मिल जाता था वह नहीं मिल रहा है इस तरह से समूचे प्रदेश के अंदर अन्य बीमारियों से रोजाना सैकड़ों मरीज दम तोड़ रहे हैं लेकिन सरकार के पास इस बात का कोई रिकॉर्ड नहीं है

जांच मशीनें खराब बताकर छिपाए जा रहे आंकड़े

सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने कोरोना  पीड़ितों की जांच किए जाने वाली मशीनों को खराब बताकर मरीजों का आंकड़ा छुपाने का कार्य कर रही है जो बेहद चिंताजनक है

सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल क्या भाजपा के पॉजिटिव मरीजों  के लिए सुरक्षित है

श्री सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार से कई बार जरिए ज्ञापन पत्र यह मांग किया था कि संजय गांधी हॉस्पिटल रीवा में अन्य गंभीर बीमारियों जैसे टीवी दमा कैंसर एक्सीडेंट पैरालाइसिस बुखार से पीड़ित मरीज 24 घंटे आते जाते हैं जो इलाज के अभाव एवं  एसजीएमएच  मे कोरोना आइसोलेशन एवं कोरेंटिन सेंटर होने की दहशत से घरों में दम तोड़ रहे हैं ओपीडी पूरी तरह बंद है अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों का इलाज कोई भी करने को तैयार नहीं है इसलिए सैकड़ों बिस्तरों  से निर्मित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जो खाली पड़ा है उसे सेंटर बनाया जाए लेकिन प्रशासन कोरोना से संक्रमित मरीजों को गांव में पुलिस की अभिरक्षा में कैद कर रखा है जहां संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है ऐसे मरीजों को जिला स्तर पर स्वास्थ्य टीम की निगरानी में रखा जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं किया गया श्री सिंह ने सरकार से सवाल करते कहा कि क्या सरकार सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को भारतीय जनता पार्टी के कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए सुरक्षित रखा है स्पष्ट करें 

सरकार का दिमागी संतुलन पटरी के बाहर 

नेताओं ने कहा कि ऐसे आपातकाल में सत्ता में बैठे मुखिया का कर्तव्य होता है कि वह कठिन घड़ी में प्रजा की रक्षा करें लेकिन सरकार एवं मुखिया पूरी तरह से असंवेदनशील हो चुके हैं सरकार मानसिक रूप से सही काम नहीं कर पा रही है उसका दिमागी संतुलन पटरी से उतर चुका है  उसके पास कोरोना महामारी से निपटने के कोई इंतजाम नहीं है सरकार सिर्फ मंत्रिमंडल विस्तार  एवं उप चुनाव की तैयारी में लगी हुई है प्रदेश के ताजा हालात बेहद नाजुक है सरकार सचेत हो जाए नहीं यदि जनता सड़क पर उतरी तो परिणाम  बुरे हो सकते हैं

                   
              शिव सिंह एडवोकेट
प्रदेश अध्यक्ष जनता दल सेक्युलर मध्य प्रदेश
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