एक ईद देश के नाम गरीबों के नाम मजदूरों के नाम और एक बड़ी महामारी से इंसानियत को बचाने के लिए कुर्बान

इन्नामा आमाल बिन्नियात अमल का दारोमदार नियतौं पर है। नियत करो अल्लाह अमल करना आसान कर देंगे हमनें बहुत सारी ईदें नए कपड़ों के साथ मनाई एक ईद हमें गरीबों के साथ मनाना हैं। बहुत ही ईदों में हमने गले मिलकर अपने दोस्त अज़ीज़ रिश्तेदारों को मुबारकबाद दी है इस ईद मैं सलाम आदाब खुशामदीद से मुबारकबाद देगे ईद में बाजारों की रौनक  और खाने-पीने के मेवे मिठाईयों से बचकर घर में बनाई शिवन्या खाएंगे  अपने सद़का ज़कात और फितरे से मजदूरों और गरीबों की मदद करेंगे अपने घरों की रौनक को और घरवालों के शौक को कुर्बान कर के अपने देश के परेशान हाल गरीब मजदूरों की मदद करेंगे इस ईद को घर में रहकर घर में बनाई चीजों के साथ मनाएंगे हम कैसे मना सकते हैं खुशियां ईद की जबकि हमारे देश के मजदूर हजारों किलोमीटर का सफर पैदल कर रहे हैं। हम कैसे पहन सकते हैं अपने पैरों में हजारों रुपए के जूते जबकि मेरे देश के मजदूर नंगे पैर तपती दुपहरी पैदल रेंग रहे हैं। हम कैसे मना सकते हैं खुशियां पकवानों के साथ जबकि गरीब भूखे मर रहे हैं। आओ एक ईद अपने गरीब मजदूरों के साथ मनाते हैं उनके दुख को अपना दुख बनाकर देखते हैं। मेरे देश के ईमान वाले मुसलमान भाइयों अपने आप को अपने ईमान और इस्लाम को बदनाम होने से बचाएं सरकार के बनाए गए नियम कायदे कानूनों का पालन करते हुए एक ईद मनाएं सोशल डिस्टेंस मतलब सामाजिक दूरी भीड़-भाड़ स्तमाई आमाल से बचें

       लेखक 

अब्दुल कादिर खान 

  कलयुग की कलम 

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