पत्रकार जगत मे भारी आक्रोश 

बहोरीबंद/बाकल।

कटनी जिला के बहोरीबंद तहसील के बाकल थाना अंतर्गत शुक्रवार की शाम को बाकल बस स्टैंड में बाकल थाना पुलिस एवं राजस्व अमले द्वारा बिना मास्क लगाए हुए राहगीरों एवं वाहन चालकों पर चलानी कार्यवाही की गई।जिससे लोग जागरूक हो सकें और कोरोना के घातक संक्रमण से बचा जा सकें। मौके पर प्रशासनिक अमले द्वारा की जा रही कार्रवाई की कवरेज करने पहुंचे स्थानीय मीडिया कर्मियो को बाकल के राजस्व अधिकारियो द्वारा कवरेज करने से रोक दिया गया, और मौके से चले जाने की बात कही गई, जब मीडिया कर्मी नही माने तो उन्हें धमकाया गया। जिसके बाद से जिले के पत्रकार जगत मे भारी आक्रोश पनप रहा है, और बाकल के जिम्मेदार अधिकारीयो पर देश के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारो को अपमानित करने और धमकाने के आरोप लगाए जा रहे है।

प्रति व्यक्ति लगाया गया 100 रुपए का जुर्माना,किया पक्षपात

बाकल के अधिकारियो की टीम द्वारा की गई चलानी कार्यवाही में 100 रुपए का जुर्माना ग्राम पंचायत बाकल की कर रसीद देकर काटा गया।इसी बीच कई राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारी बिना मास्क के जाते दिखे जिन्हें अनदेखा कर चलते कर दिया गया।इस तरह की कार्यवाही से लोगों ने पक्षपात का आरोप भी लगाया है। बताया गया कि अधिकारियो द्वारा किये जा रहे काले कारनामो को छुपाने के उद्देश्य से मीडिया की कवरेज पर नयाब तहसीलदार द्वारा पावंदी लगाई गई। 

मीडियाकर्मियों को कबरेज पर पावंदी

ग़ौरतलब है कि बाकल बस स्टैंड में बिना मास्क लगाए लोगों पर कार्यवाही किए जाने की खबर जब मीडियाकर्मियों को लगी तो वहां कुछ मीडियाकर्मी पहुँचे जहा बाकल नायब तहसीलदार द्वारा उन्हें कवरेज करने से रोक दिया गया। वही मीडिया कव्हरेज पर पावंदी लगाते हुए नायब तहसीलदार द्वारा कहा गया कि यदि आपने फ़ोटो ले ली है तो यहां से जाए वही उक्त विषय पर पत्रकारो द्वारा बताया गया कि मैडम हम मीडियाकर्मी है और यह हमारा काम है तभी तो लोगो तक कार्यवाही की सही जानकारी पहुँचेगी लेकिन नायब तहसीलदार ने एक न सुनी और उनके द्वारा कहा गया कि मैरे द्वारा की जा रही कार्रवाई मे मीडिया कवरेज पर लाकडाऊन की तरह टोटल पावंदी है, सभी मीडिया कर्मी यहा से चले जाये वर्ना 188 की कार्यवाई की जाएगी।मीडिया के आने के बाद यह स्पष्ट नही हो पाया कि आज कितने लोगों पर चलानी कार्यवाही की गई है साथ ही कितना राजश्व पंचायत के खाते में जमा हुआ है।

मीडिया को किया जा रहा टारगेट

मालूमात हो कि केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारे भी मीडिया कबरेज को फुल छूट दी है वही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मीडिया का सहयोग करने लिए अपने डिपार्टमेंट से अपील कर रहे हैं लेकिन उससे उलट बहोरीबंद तहसील में मीडिया कबरेज पर पावंदी लगाई जा रही है।मानो ऐसा प्रतीत होता है जैसे जानबूझकर मीडिया को टारगेट किया जा रहा है, और अधिकारी अपने काले कारनामे उजागर होने के डर से मीडियाकर्मियो को अपमानित कर धमकी दे रहे है।अब सवाल यह कि यदि मीडिया को स्वतंत्रता नही होगी तो पारदर्शिता कैसे सामने आएगी और क्षेत्र में हो रही गतिविधियों को लोगो तक कैसे जानकारी पहुँचेगी।

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