“शिवराज सरकार का राशन देने का दावा झूठा “

कलयुग की कलम 

उड़ीसा के निवासी सेनेटरी का कार्य करने वाले 18 परिवारों को खाने का राशन नहीं मिल रहा था लॉकडाउन में।ये सभी छोटी खजरानी मे रहते हैं।

उड़ीसा सरकार से फ़ोन करके सभी परिवारों ने मदद मॉंगी तो एक बार 42 दिन में एक बार 5 किलो आटा ,एक किलो दाल ,एक किलो चावल ,एक किलो शक्कर दी गयी थी बहुत मशक़्क़त के बाद।अब माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान यह बताये की लॉकडाउन के 44 दिन में इतने से राशन में रोज़ खाना खा सकते हैं..? 

शिवराज सरकार के वैज्ञानिक नौकरशाहों के नेतृत्व में जमकर कालाबाज़ारी हो रही हैं लेकिन ग़रीबों को राशन देकर कहा जा रहा हैं की चावल के दाने गिन कर खाना बनाये ।उपरोक्त सरकार द्वारा दिये गये राशन में मुख्यमंत्री यह बताये की कैसे एक परिवार 44 दिन खाना खा सकता हैं।जब ये गरीब उड़ीसा के निवासी शिवराज सरकार के अधिकारियों से राशन मॉंगना गये तो दुत्कार कर भगा दिया और हेल्पलाइन नम्बरों ने तो फ़ोन उठाना ही बंद कर दिया हैं

जब यह सभी परिवार भूख से दो दिन से तडफ रहे थे तब किसी ने मेरी जानकारी में यह बात बतायी तब मेरे मित्रों और सहयोगियों ने राशन एकत्रित करके सभी 20 परिवारों को मदद दी।इस खबर और फ़ोटो को पोस्ट करने का एक मात्र उद्देश्य हैं की म.प्र. की शिवराज सरकार का अमानवीय चेहरा सबके सामने उजागर हो ।शिवराज सरकार के फर्जी दावों की पोल खोलता है  की किस तरह कालाबाज़ारी करने वालों और भ्रष्ट नौकरशाहों ने लूट मचा रखी हैं।सिर्फ़ जनता ही जनता की मदद कर रही हैं सरकार की अफ़सर शाही लूट रही हैं।

म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी के प्रदेशसचिव राकेश सिंह यादव ने गरीब जनता से धोखा करके भूखे मरने के लिए मजबूर करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को नैतिकता के नाते मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए।अगर उनमें नैतिकता बची हो तो।



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