समाजवादियों की चेतावनी मजदूर को काम नहीं तो मजदूर  क्रांति को तैयार रहे सरकार= शिव सिंह

 1 मई 2020... विश्व मजदूर दिवस पर मीसाबंदी बृहस्पति सिंह जनता दल सेक्युलर के प्रदेश अध्यक्ष शिव सिंह एडवोकेट समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव रामायण सिंह समग्र उत्थान पार्टी के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी शिव कुमार मिश्रा बाबा समाजसेवी ज्ञानेंद्र गौतम ने दौरान लॉक डाउन  घर वापसी  करते एक्सीडेंट भूख बीमारी  से मृत मजदूरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि समाजवादियों की सहानुभूति हमेशा मेहनतकश मजदूरों किसानों गरीबों के साथ रही है मजदूर एक इकाई है जो देश की सफलता का अंग है आज काम करने वाला हर व्यक्ति मजदूर है आज के दिन दुनिया के 80 देशों में राष्ट्रीय अवकाश रहता है मजदूर देश का  निर्माणकर्ता है समाजवादी नेताओं ने आज एक प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि कोरोना महामारी को लेकर सरकार ने आनन-फानन में बिना सोच बिना रणनीति के लॉक डाउन का जो निर्णय लिया  उससे देश का मजदूर गरीब भयंकर प्रताड़ित हुआ सरकार की दूरगामी सोच बिल्कुल नहीं थी यदि दूरगामी सोच होती तो सरकार उद्योगपतियों से राय लेती स्वयं विचार मंथन करती कि हम मजदूरों को दौरान लॉक डाउन खाना खिला  पाएंगे कि नहीं  यदि नहीं तो सरकार को लॉक डाउन के पहले ही मजदूरों गरीबों को ट्रेनों बसों के माध्यम से उनको उनके घर तक पहुंचा देना चाहिए था लेकिन सरकार तथा उद्योगपतियों ने मिलकर  मजदूरों के साथ बेहद जुल्म ज्यादती  कर रात्रि 12:00 बजे लॉक डाउन किया रात्रि में ही उद्योग धंधों में ताले लग गए और मजदूर गरीब सड़कों में ही मरने को मजबूर हो गया और हफ्ते बाद जब रोटी का संकट आया तब भूख से तड़पता घरों की ओर सड़कों पर चल पड़ा जिसके चलते देश के अंदर बेहिसाब मजदूर एवं गरीबों की मौतें हुई लेकिन सरकार ने आज तक अपनी गलती स्वीकार नहीं किया और ना ही जिम्मेदारी लिया जो बेहद निंदनीय कृत्य है हम सरकार  को अपने प्रस्ताव से अवगत कराते हुए यह मांग करते हैं कि आज समूचे देश का मजदूर गरीब जो शहरों  महानगरों में काम करता था आज 80 फ़ीसदी मजदूर अपने घर पहुंच  गया है शेष 20 फ़ीसदी मजदूर धीरे धीरे पहुंच रहे हैं हम सरकार का ध्यान आकृष्ट कराना चाहते हैं की  मेहनतकश मजदूर भीख मांगना पसंद नहीं करता वह काम करके ही खाना पसंद करता है इसलिए  केंद्र एवं प्रदेश सरकार मजदूरों के लिए गांव गांव काम उपलब्ध कराएं गांव में कुटीर उद्योग खुलवाएं तथा प्रदेश के अंदर लाखों बंदोबस्ती तालाब थे   अधिकतर तालाबों में भू माफियाओं ने कब्जा कर लिया है तालाब के स्वरूप को नष्ट कर दिया है जिसके चलते पर्यावरण  व जलवायु प्रभावित हो रही है  एवं जल संकट  व्याप्त है तथा हजारों तालाब सफाई व खुदाई के अभाव में नष्ट पड़े हुए  आज  मध्यमवर्गीय परिवारों  के पास भी  आर्थिक संकट व्याप्त है इसलिए सरकार  वृहद योजना तैयार कर तालाबों की खुदाई सफाई उनका संरक्षण बचाव तथा स्टॉप डैम का निर्माण गांव की खराब सड़कों का निर्माण का खाका तैयार करें जिससे मजदूरों एवं मध्यम वर्गीय परिवार के सदस्यों को काम मिल सके और सरकार उनकी रोजाना की रोजाना मजदूरी एवं खाने की व्यवस्था करें  समाजवादियों ने सरकार को सलाह एवं चेतावनी देते हुए कहा कि शीघ्र काम उपलब्ध नहीं कराया जाता तो सरकार मजदूर क्रांति को तैयार  रहे हम मजदूर किसान गरीब मध्यमवर्गीय परिवार के साथ इस लड़ाई में कुर्बानी देने को तैयार हैं 

                         
                  शिव सिंह एडवोकेट
प्रदेश अध्यक्ष जनता दल सेक्यूलर मध्य प्रदेश
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