बाढ़ आपदा से निपटने प्रशासन के पास  इंतजाम नहीं.. शिव सिंह

कलयुग की कलम 

 रीवा 3 जून 2020... जनता दल सेक्युलर के प्रदेश अध्यक्ष शिव सिंह एडवोकेट ने कहा कि  कोरोना महामारी एवं तूफानी आपदा के बाद रीवा जिला बाढ़ के मुहाने पर खड़ा हुआ है लेकिन बाढ़ आपदा से निपटने प्रशासन के पास कोई इंतजाम नहीं है श्री सिंह ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के निजी स्वार्थ रूपी विकास प्रतिवर्ष विनाशकारी बाढ़ का कारण बनते हैं  जिसका खामियाजा 19 अगस्त 2016 को आई भीषण बाढ़ में देखने को मिला इसके पूर्व 1 सितंबर 1997 को रीवा जिला भीषण बाढ़ की चपेट में था उस समय बाढ़ की समीक्षा तथा बाढ़ के कारणों की जांच शासन स्तर पर की गई थी जिसमें बीहर बराज एवं वकिया बराज के गेट समय रहते न खोला जाना बाढ़ का मुख्य कारण था और उसी दौरान शासन स्तर पर जिले में बाढ़ त्रासदी से निजात दिलाने कई योजनाएं बनाई गई थी जिसमें बाढ़ संभावना के पूर्व प्रशासन की चौकसी तथा बीहर बिछिया नदी का गहरीकरण चौड़ीकरण व नदी में जो भी निर्माण होंगे 1997 की बाढ़ की समीक्षा के बाद ही होंगे लेकिन प्रशासन की फाइलें शासन की कोठरी में बंद पड़ी रही 1997 का जिक्र किन्ही भी नई योजनाओं में नहीं किया गया आंख मूंदकर नए निर्माण शहर के नदी नालों में होते रहे जिसके चलते  समूचे जिलेवासियों को 2016 में भीषण बाढ़ त्रासदी का शिकार होना पड़ा जिसमें पूर्व मंत्री की  चहेती कंपनी रुचि रियल्टी होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड इंदौर द्वारा बीहर नदी में निर्मित झूला पुल जमींदोज हो गया  कहीं यदि झूला पुल चालू होता तो व्यापक जनहानि होती लेकिन उसके बाद भी समूचा शहर एवं जिला बाढ़ की व्यापक चपेट में था श्री सिंह ने कहा कि स्थानीय नेताओं ने अपने निजी स्वार्थ एवं बिना दूरगामी सोच के जो भी शहर से जुड़े प्रोजेक्ट स्वीकृत कराए उनसे रीवा को कभी भी बाढ़ से सुकून मिलने वाला नहीं दिख रहा वह इसलिए कि विक्रम पुल निर्माण के बाद जितने भी पुल निर्मित किए गए चाहे वह रिंग रोड पुल छोटी पुल   करहिया पुल अजगरहा बायपास पुल सभी की लंबाई चौड़ाई ऊंचाई  विक्रम पुल से कम की गई है 1997 की बाढ़ के बाद बनी छोटी पुल की ऊंचाई विक्रम पुल से 5. 41 मीटर कम की गई है तथा बीहर बिछिया नदी पर शहर की सीमा में लगभग 8 पुलों का निर्माण वर्तमान में है लेकिन शासन प्रशासन ने सन 1997 की बाढ़ त्रासदी का आकलन कर पुल निर्मित नहीं किए  स्थानीय नेताओं ने पैसा कमाने के सरल रास्ते अपनाए लेकिन नदी के गहरीकरण चौड़ीकरण मामले में उनका रवैया उदासीन रहा जिसके चलते आज रीवा बाढ़ आपदा के लिए रजिस्टर्ड हो चुका है  आज छोटी पुल अजगरहा बाईपास पुल  करहिया हरिहरपुर पुल की लंबाई चौड़ाई ऊंचाई कम होना बाढ़ के मुख्य कारण हैं इसी तरह सिलपरा से रतहरा रिंग रोड के बीच पुलों का निर्माण न होना ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का कारण बना इसी तरह शहर के आसपास बने नालों जैसे  धिरमानाला निपनिया पुल  ढेकहा  बकिया रोड पुल बिछिया कुठुलिया पुल की ऊंचाई व चौड़ाई  कम होने से रीवा चारों तरफ से बाढ़ जैसे रेड जोन पर पहुंच चुका है लेकिन शासन-प्रशासन आपदाओं को भ्रष्टाचार का जरिया बना रखा है इसलिए आपदाओं के पूर्व व्यापक रणनीति  तैयार नहीं करता  जिसका खामियाजा सीधे जनता को भुगतना पड़ता है प्रशासन समय रहते सचेत नहीं हुआ तो बाढ़ जैसी तबाही का मंजर नजदीक नजर आ रहा है 

               
            शिव सिंह एडवोकेट
प्रदेश अध्यक्ष जनता दल सेक्युलर मध्य प्रदेश
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