मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ही मास्क लगाने के नियम की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं तो जनता पर जुर्माना क्यो..?

कलयुग की कलम 

 इन्दौर,म.प्र. में दो माह के लॉकडाउन में ज़बरदस्त कालाबाज़ारी करने के बाद ग़रीब जनता को लुटने का नया तरीक़ा शिवराज सरकार ने शुरू किया हैं।मास्क न लगाने पर स्पॉट पर ही जुर्माना वसूल किया जा रहा हैं।यह नियम म.प्र.में शिवराज सरकार के काबिल नौकरशाहों ने बनाया हैं।लेकिन इस नियम का पालन जब प्रदेश के मुख्यमंत्री एंव स्वास्थ्य मंत्री करने को तैयार ही नही हैं तो फिर ग़रीब जनता को जुर्माने के नाम पर क्यों लूटा जा रहा हैं?

म.प्र.के नौकरशाहों में इतनी हिम्मत हैं की वह बिना मास्क के मीटिंग में शामिल रहे मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से जुर्माना ले सके ।अगर ऐसा करने की हिम्मत नही हैं तो नौकरशाहों को ग़रीब जनता को लूटना बंद करना चाहिए।जब प्रदेश का मुख्यमंत्री ही मास्क लगाने के नियम की धज्जियाँ उड़ा रहा हैं तो फिर आम जनता से कैसे उम्मीद शिवराज सरकार मास्क लगाने की कर सकती हैं ।जनता को किसी भी बहाने से लूटना ही शिवराज सरकार का मक़सद हैं।जनता को मास्क देने के बजाय मास्क न लगाने पर जुर्माना वसूलना हास्यप्रद हैं।पेहले जनता को जाग्रत करके मास्क लगाने को दिये जाते तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री खुद मास्क लगाने के नियम का पालन करते तो जनता जाग्रत होती ।लेकिन मुख्यमंत्री को सिर्फ जुर्माना वसूल करके ग़रीब जनता को लूटना ही मक़सद हैं।

यह हैं शिवराज सरकार का चाल -चरित्र-चेहरा।

राकेश सिंह यादव
प्रदेशसचिव
म.प्र.कॉंग्रेस कमेटी
भोपाल

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