सरकार व उद्योगपतियों ने मिलकर मजदूरों के साथ जुल्म किया... शिव सिंह

कसम खाएं मजदूर जुल्म करने वालों  के शहर वापस नहीं  जाएंगे

कलयुग की कलम 

मध्य प्रदेश /जनता  दल सेक्यूलर के प्रदेश अध्यक्ष शिव सिंह एडवोकेट ने वैश्विक महामारी  कोरोना की देश में दस्तक के लिए केंद्र सरकार को  जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि  यदि सरकार समय रहते देश का बॉर्डर सील कर देती तो आज देश के हालात बेहद चिंताजनक नहीं होते आज देश के कोने कोने से जो नतीजे आ रहे हैं वह मोदी सरकार की घातक उदासीनता के परिणाम है देश में महामारी प्रवेश करने  के  एक माह पूर्व सरकार डब्ल्यूएचओ एवं विदेशी राजदूतों व अन्य माध्यमों से  पूर्णता अवगत हो गई थी लेकिन सजग नहीं हुई सरकार यदि महामारी रोकना चाहती तो देश की सीमा रेखा सील कर सकती थी देश के जो नागरिक विदेशों में रह रहे थे उन्हें वही रोक सकती थी या फिर एयरपोर्ट में  कोरोना जांच उपरांत पॉजिटिव नागरिकों को एक ही जगह आइसोलेट कर सकती थी लेकिन सरकार ने ऐसा न कर विदेशों से कोरोना पॉजिटिव पूंजीपति नागरिकों को हवाई यात्रा के माध्यम से लाती रह गई तथा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  के आवा भगत में लाखों की भीड़ जुटाकर सोने की थाली में खाना खिलाती  रही  दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी राज्यों की सरकार गिराती रही अपने दल की सरकार बनाती रही उधर उद्योगपति महानगरों में रह रहे प्रवासी मजदूरों से रात दिन काम लेता रहा जब धीरे-धीरे देश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 500 के आसपास पहुंच गई तब सरकार ने बिना किसी  राजनैतिक दल के नेताओं मुख्यमंत्रियों सांसदों पूर्व मुख्यमंत्रियों पूर्व प्रधानमंत्रियों बुद्धिजीवियों समाजसेवियों विशेषज्ञों की सलाह लिए रातो रात उद्योगपतियों के गोद में बैठ कर यह रणनीति तैयार की कि यदि मजदूर अपने घर चला जाएगा तो उद्योग धंधों का काम प्रभावित होगा  और संपूर्ण लॉकडाउन का फैसला ले लिया नतीजा यह हुआ कि मजदूर सड़क पर ही रह गया अपने खोली तक नहीं पहुंच सका वहीं से शुरु हो गई उसकी कोरोना यात्रा और वही से शुरू हो गए उसके साथ  जुल्म ज्यादती अत्याचार जिसे पूरे देश ने देखा एवं सुना हालात उसके ऐसे हुए जो उसने कभी सोचा भी नहीं था जिस सड़क को उसने बनाया उसी में रौंदा गया जिस ट्रेन पटरी को  उसने बनाया उसी में कटकर अंतिम सांस ली जिस उद्योगपति के उद्योग को खड़ा किया उसने एक रोटी तक नहीं दी जिस सरकार को बनाया उसने संकट में मुंह मोड़ लिया जिसके लिए उसने जीवन भर खून पसीना बहाया उसका एक बूंद पानी तक नसीब नहीं हुआ किसान के अनाज से उसके द्वारा उद्योगों में बनाई गई खाद्य सामग्री का एक दाना तक नसीब नहीं हुआ उसके पालने में खेलने लायक बच्चे यात्रा के समय शरीर पर बंधे लिपटे नजर आए 5 से 10 वर्ष के बच्चे खून से लथपथ सैकड़ों किलोमीटर तक का पैदल सफर किए गर्भवती स्त्रियों ने सड़कों पर बच्चों को जन्म दिया सैकड़ों मजदूर पैदल चलते चलते सड़कों पर दम तोड़ दिए उधर सरकार के मुखिया ने मृतकों के नाम संवेदना मात्र  व्यक्त कर इतिश्री कर लिया जबकि इन्हीं मजदूरों ने देश का निर्माण किया मंदिर बनाए होटल  बनाई अदालतें बनाई जेल बनाई थाना बनाए देश की अर्थव्यवस्था सुधारने रात दिन अपना खून पसीना बहाया लेकिन सरकार  ने कैसे-कैसे जुल्म नहीं किए लाठियां बरसाई जेल कराई आंसू गैस डलवाई केमिकल से नहलवाया मुकदमे दर्ज कराए आज समाजसेवी की रोटी न होती तो मंजूर जिंदा न  रहते समूचे लॉकडाउन दौरान सरकार पूजीपतियों के लिए हवाई यात्रा शुरू रखी उधर 80 फ़ीसदी मजदूर पैदल सड़कों में खून पसीना बहाते तड़पते हुए अपने घर की ओर चलता रहा बाद में आंसू पोछने के लिए सरकार ने ट्रेनें चलाई किराया वसूला तथा घर तक पहुंचते-पहुंचते तरह-तरह से प्रताड़ित किया आज जब  देश में कोरोना महामारी के आंकड़े लाखों में पहुंच गए हालात चिंताजनक हो गए तब दोबारा उद्योगपति मजदूरों को  महानगरों की ओर फिर से बुला रहा है तरह तरह से गुमराह कर लालच दे रहा है यदि सरकार एवं उद्योगपति चाहते तो मजदूर प्रताड़ित नहीं होता जुल्म का शिकार नहीं होता ऐसे में देश के आगामी  कोरोना महासंकट को देखते हुए मजदूरों से निवेदन करता हूं कि गांव में किसान के साथ मिलकर हल चलाएं अनाज पैदा करें परिवार का पालन पोषण करें लेकिन इन जुल्म करने वाले लोगों  के शहर वापस न जाएं क्योंकि देश की सरकार एवं राज्यों की सरकारों ने पूरी तरह से आत्मनिर्भर का नारा देकर अपना हाथ खींच लिया है ऐसे हालात में मजदूर भाइयों को शहर में गंभीर जान माल का खतरा उत्पन्न हो सकता है इसलिए देश के हालातों को देखते हुए अपने घर में सुरक्षित रह कर स्वयं एवं परिवार को बचाने का  काम करें अब इस देश का कोई माई बाप नहीं है अपनी  जान अपने हाथ है 

                     
              शिव सिंह एडवोकेट
प्रदेश अध्यक्ष जनता दल सेक्यूलर मध्य प्रदेश
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